Friday, 10th April, 2020

चलते चलते

पुर्तगाल के राष्ट्रपति से मिलने से पहले पीएम मोदी ने सुनी थी राहत इन्दौरी की शायरी: पीएमओ

18, Feb 2020 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली.  हाल ही में भारत दौरे पर आये पुर्तगाल के राष्ट्रपति मार्सेलो रिबेलो डी सोसा (या जो भी उनका नाम हो) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात का एक वीडियो सामने आया जो काफी दिलचस्प है, इस वीडियो में दोनों महानुभाव विशेष अंदाज में हाथ मिलाते हुए नज़र आ रहे हैं।

handshake-modi
अब, बस भी करो!

मार्सेलो रिबेलो डी सोसा ने भी इसे नार्मल हैंडशेक समझ कर भले ही हाथ आगे बढ़ाया हो, लेकिन वो भी इस बात से अनजान थे कि उनका यह हैंडशेक ऐतिहासिक होने वाला है। देश की अर्थव्यवस्था के ख़राब दौर की तरह शुरू हुआ यह हैंडशेक, ख़तम होने का नाम ही नहीं ले रहा था।

लगभग 14 सेकंड तक चले इस झन्नाटेदार कार्यक्रम के बाद खुद पुर्तगाली राष्ट्रपति की बाजू चार दिन तक सुन्न रही है। गिनीज बुक वालों की राडार में आ चुके इस हैंडशेक के पीछे की असली वजह अभी रहस्य बनी हुई है, कुछ लोग कहते हैं कि मोदीजी ‘सोसा’ के बाजू तोड़ने का मन बनाकर ही नार्थ ब्लॉक से निकले थे।

हालाँकि फ़ेकिंग न्यूज ने उन कारणों का पता लगा लिया है जिस वजह से पीएम मोदी ने पुर्तगाली राष्ट्रपति की बाजू को हैंडपंप समझ लिया था। दरअसल, इस ऐतिहासिक हैंडशेक का कारण बने हैं देश के मशहूर शायर राहत इन्दौरी और उनका यह शेर :

“राज़ जो कुछ हो इशारों में, बता भी देना

हाथ जब उससे मिलाना तो दबा भी देना”

इकॉनमी की हालात सुधारने के टिप्स के बदले बात करने को राज़ी हुए पीएमओ स्टाफ छगन लाल चौबे ने  बताया कि, “पीएम मोदी हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने में लगे रहते हैं, जब इन्दौरी की ‘बुलाती है, मगर जाने का नहीं!’ फेमस हुआ तो उन्होंने यूट्यूब पर इन्दौरी के सारे वीडियो देख डाले! अपनी तीन घंटे की नींद में कटौती करके भी!”

‘उस दिन भी पुर्तगाली राष्ट्रपति से मिलने से पहले मोदीजी इसी शेर के बारे में सोच रहे थे, यह हैंडशेक उसी का नतीजा है, हमें तो तभी समझ जाना चाहिए था जब वो ये ‘शेर’ हर आधे मिनट में दोहराए जा रहे थे! खैर, अब जो हुआ सो हुआ!” -छगन ने सैम पित्रौदा बनते हुए कहा और चलता बना।

इस बीच, इस फेमस हैंडशेक के बाद सभी देशों ने एडवाइजरी जारी कर भारत दौरे पर जाने वाले सभी नेताओं को सचेत रहने की हिदायत दी है।



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