Sunday, 18th November, 2018

चलते चलते

नवाज़ शरीफ़ का मोदी जी के नाम पत्रः भारतीय अदालत में चले उनका केस

17, Jul 2018 By Saquib Salim

प्यारे बड़े भाई नरेन्द्र मोदी,

आशा करता हूँ कि आप वहाँ भारत में, या किसी विदेश यात्रा पर, जहाँ भी होंगे हँसी-ख़ुशी से होंगे। मैं और मेरा परिवार तो क़तई कुशल मंगल नहीं है। आपको शायद मालूम चल ही गया होगा कि यहाँ पाकिस्तान की अदालत ने मुझे और मेरी बेटी मरियम को एक छोटे से पनामा केस में जेल की सज़ा सुना दी है। भला ये भी कोई बात होती है!

Nawaz Sharif
मोदी जी को चिट्ठी लिखते नवाज़ शरीफ़

आपको याद होगा जब आप पिछली दफ़ा हमारे घर आये थे, तब भी मैंने आपको कहा था कि पाकिस्तान में लोकतंत्र बस नामचारे का है, असली लोकतांत्रिक मुल्क तो आपका भारत है। आप ही बताइये मोदी जी! लोकतंत्र का मतलब यही तो है न कि अवाम (जनता) वोट दे और कई सारे नेताओं में से एक नेता को चुनकर ख़ुद की सेवा करने का मौक़ा दे। ये नेता चुनाव में अपना खून-पसीना तो बहाते ही हैं साथ ही साथ बहुत सारा रुपया भी बहा देते हैं। तब कहीं जा कर अवाम की सेवा करने का मौक़ा मिल पाता है।

जैसा कि आपने प्रधान-सेवक बनने के बाद ख़ुद बोला था कि लोकतंत्र आपके लिए धर्म है और संसद एक मंदिर! ये बात यहाँ पाकिस्तान के लोगों को समझ ही नहीं आती। ये कब समझेंगे कि लोकतंत्र एक धर्म है और हम नेता अगर उसके भगवान नहीं तो कम से कम अवतार या पैग़म्बर तो ज़रूर हैं। अगर हम ही न होंगे तो लोग वोट किसे देंगे और फिर जनता का उद्धार किस तरह हो पायेगा? और वो कौन सा भगवान, अवतार, या पैग़म्बर है, जिसको लोगों ने चढ़ावे ना चढ़ाए हों? अब मॉडर्न ज़माना है, तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी है तो हम लोगों को परेशान नहीं करना चाहते और ख़ुद ही अपने हिस्से का चढ़ावा ले लेते हैं तो इसमें ग़लत क्या है?

ये बात आपके देश में लोग समझते हैं, नेता भी समझते हैं और सबसे ज़रूरी बात ये कि आपके जज भी समझते हैं। पर हमारे मुल्क की मूर्ख जनता ये नहीं समझती। आप के मुल्क में हर चुनाव से पहले नेता सरकार में मौजूद नेताओं पर तरह-तरह के इलज़ाम लगाते हैं, उनको भ्रष्ट बताते हैं और ये वादा करते हैं कि अपनी सरकार बनते ही वे सबसे पहले पिछली सरकार के नेताओं को करप्शन के लिए जेल में डालेंगे।

आपने ख़ुद कहा था कि पूरी कांग्रेस भ्रष्ट है और आप उसके नेताओं को जेल भेजेंगे। जैसे केजरीवाल बोलते थे कि वो शीला दीक्षित को जेल भेजेंगे। कांग्रेस बोलती थी कि आपको जेल जाना चाहिए। पर कमाल देखिये! आपके मुल्क में लोकतंत्र का! नेताओं की वो इज़्ज़त और अहमियत है कि नेता तो नेता, आप लोगों ने तो कभी नेताओं के दामादों तक को भी जेल नहीं भेजा।

यहाँ देखिये पाकिस्तान में, मैं ख़ुद प्रधानमंत्री था और मेरी लड़की को उस पनामा पेपर्स केस में सज़ा सुना दी गयी जिसमें नाम आने से आपके देश में लोगों को देशभक्ति के सर्टिफ़िकेट मिल गये। ये कोई लोकतंत्र है? कहाँ तो मेरी बेटी को देश का ब्रांड एम्बेसेडर बनाना चाहिए था और कहाँ उस मासूम को जेल की सज़ा सुना दी और मुझे कुर्सी से हटा दिया। और अब तो मुझे भी सज़ा सुना दी गयी।

ख़त लंबा हो गया है। आप के पास भी वक़्त कम होगा। आप शायद कहीं विदेश यात्रा पर बिजी हों या चुनावी रैली में भाषण दे रहे हों, इसलिए मैं असल मुद्दे पर आता हूँ।

आप हमारे पुराने मित्र हैं और फिर आप दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री भी हैं। मुझे लगता हैं कि ऐसे में दुनिया भर के जनसेवकों (नेताओं) के हितों की रक्षा करना आपकी ज़िम्मेदारी है। आज पूरे पाकिस्तान के नेता भारत की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देख रहे हैं। इसलिए मेरी आपसे विनती है कि आप युनाइटेड नेशंस (संयुक्त राष्ट्र) में ये मुद्दा उठायें कि पाकिस्तान के जज बेलगाम हो गए हैं और लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में ये ज़रूरी है कि पाकिस्तान के नेताओं के सारे केस भारतीय अदालतों में ट्रांसफ़र कर दिए जायें। दुनिया के सभी नेता भारतीय अदालतों की नेताओं लोकतंत्र के प्रति निष्ठा के कायल हैं।

हम ये भी चाहते हैं कि अगली बार हमारी सरकार बने तो हम जजों की भर्ती आपके ही मुल्क से करें वरना तो पाकिस्तान में एक बार फिर लोकतंत्र ख़तरे में आ सकता है। उम्मीद है आप इस पर जल्द कार्रवाई करते हुए हमारे केस भारतीय अदालतों में ट्रांसफ़र करा देंगे।

इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूंगा!

धन्यवाद!

आपका छोटा भाई,

नवाज़ शरीफ़



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