Tuesday, 25th September, 2018

चलते चलते

"भारत की जेलों में नहीं देते फ्री wi-fi और दारू!" -माल्या ने उठाया ब्रिटिश कोर्ट में मानवाधिकारों का मुद्दा

02, Aug 2018 By Fake Bank Officer

लंदन. बैंक का करोड़ों का लोन हड़पकर ब्रिटेन भाग चुके विजय माल्या ने अब लंदन कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया है। अपने वकील के हवाले में माल्या ने ब्रिटिश कोर्ट में कहा है कि भारत की जेलों में अपराधियों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता हैं। यहाँ तक कि उन्हें बुनियादी सुविधाएँ जैसे- नॉन वेज खाना, फ्री शराब और wi-fi भी नहीं दिया जाता।

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जज के सामने गुहार लगाते माल्या जी

माल्या के इस खुलासे के बाद जज स्तब्ध रह गये और उन्होंने तुरंत ही भारत सरकार को जेल का बार मेन्यू और अन्य सुविधाओं के ज़रूरी सबूत तीन हफ्ते के भीतर पेश करने का आदेश दिया। इसके साथ ही मुकदमे की अगली तारीख घोषित कर दी, जिसके बाद माल्या के वकील ने एक बंद लिफाफा देकर उनका आभार व्यक्त किया।

भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने फ़ेकिंग न्यूज़ के ब्रिटिश रिपोर्टर थॉमस को बताया कि वे निर्धारित समय में जेल का वीडियो और बार और रेस्टॉरेंट का मेन्यू ब्रिटिश कोर्ट में पेश कर देंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जन्होंने कोर्ट के जज को बियर और व्हिस्की के कुछ ब्राँड्स के फ़ोटो भी दिखाये हैं। माल्या जी उनमें से जो भी ब्राँड जेल में पीना चाहेंगे, वो उन्हें प्रदान किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि भारत सरकार जल्द ही अगले 15-20 सालों में माल्या को भारत लाने में सफल होगी।

उधर, माल्या ने हमारे संवाददाता को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वो जेल जाने को तो तैयार हैं लेकिन मानवाधिकारों के साथ समझौता नही कर सकते। “भारत सरकार को चाहिए कि मेरी नहीं तो मेरे किये गए घोटालों की ही इज़्ज़त रख ले! अब आप ही बताइए 9000 करोड़ का घपला करने वाला बंदा अगर जेल में दाल-रोटी खायेगा तो देश की क्या इज़्ज़त रह जाएगी!”



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