Wednesday, 27th March, 2019

चलते चलते

"अगर शांति राज़ी है तो मैं भी तैयार हूँ, वैसे भी 4 की तो इजाज़त है!" -नोबेल शांति पुरस्कार पर बोले इमरान

04, Mar 2019 By बगुला भगत

लाहौर. पाकिस्तान में प्रधानमत्री इमरान ख़ान को शांति का नोबेल पुरस्कार देने की माँग तेज़ होती जा रही है। वहाँ की नेशनल असेंबली में कल इस बारे में प्रस्ताव भी पेश हो गया  लेकिन ख़ान साब ने इसे कुछ और ही समझ लिया!

Imran-Shanti
“शांति का हाथ थामने के लिए एकदम रेडी हूँ मैं!”

दरअसल, इस ख़बर के फैलते ही मीडिया वाले इमरान के घर के बाहर जमा हो गये और एक रिपोर्टर ने उनसे पूछ लिया कि “क्या आप शांति का पुरस्कार लेने के लिए तैयार हैं?” तो वो शर्माते हुए बोले, “अगर शांति को एतराज़ नहीं है तो फिर मुझे भी कोई एतराज़ नहीं है, मैं उसका हाथ थामने को तैयार हूँ।”

“और अभी तो मेरे हाथ सिर्फ़ तीन बार ही पीले हुए हैं और इस्लाम में चार की तो इजाज़त है।” -ख़ान साब मीडिया को अपने हाथ दिखाते हुए बोले। इस पर रिपोर्टर ने उन्हें समझाया, “ख़ाँ साब आप ग़लत समझ रहे हैं। ये ‘शांति’ कोई ख़्वातून नहीं हैं बल्कि ये एक पुरस्कार का नाम है…नोबेल शांति पुरस्कार!”

“ओह! सॉरी…सॉरी! मैं कुछ और ही समझ गया था!” -वो झेंपते हुए बोले। “अगर कोई मेडल-वेडल है तो किसी और को दे दो! मेरे घर में तो पहले ही बहुत पड़े हुए हैं।” -यह कहकर वो अंदर चले गये।

उधर, जैश-ए-मुहम्मद ने खाँ साब के नोबेल पीस प्राइज़ में अभी से अपना हिस्सा माँग लिया है। जैश के एक मोहल्ला कमांडर ने धमकी देते हुए कहा है कि “ईनाम में जो भी पैसे मिलें, वो चुपचाप हैडक्वार्टर पहुँचा देना नहीं तो पिछवाड़े पे बम फोड़ देंगे!”



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