Thursday, 27th June, 2019

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आतंकियों के जन्नत जाने से हाफ़िज़ सईद दुख़ी, कहा- "मुझे भी जाना था"

26, Feb 2019 By abhishek tiwari

कराची. पाकिस्तानी मीडिया से आ रही जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना द्वारा पुलवामा हमले का बदला लिए जाने से हाफिज शहीद को बहुत बड़ा धक्का लगा है। ताजा जानकारी मिलने तक हाफ़िज़ ने फिलहाल खुद को कमरे में बंद कर रखा है। स्थानीय लोगों ने कहा है कि चचाजान कल रात से बहुत ज़्यादा अफ़ीम चढ़ाये हुए हैं और नशे में अजीब सी बातें जैसे- “मुझे भी जाना था, मुझे भी जाना है …” बड़बड़ा रहे हैं।

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जन्नत को याद करके दुखी होता हाफ़िज़

हाफ़िज़ सईद के निजी सचिव खुर्रमख़ान ने हमें फोन पर बताया कि “आज सुबह ही हाफ़िज़ के गुप्त फोन पर जन्नत पहुंचे एक आतंकी ने जन्नत के शौचालय में उपलब्ध चाइनीज मोबाइल से फोन करके बताया कि भारतीय सेना ने हमारे 38 जवानों को जन्नत भेजा है, वो इस वक्त जन्नत में हूर रजिस्ट्रेशन की लाइन में खड़े हैं और ये हमारा जन्नत पहुंचा 420 वाँ आतंकी बैच है, जो कल गया है। उसने आगे बताया कि आतंकियों के इस 420 वें बैच को 72 नईं हूरें उपलब्ध करा दी गयीं हैं, लेकिन 38 के नामर्द होने के वजह से बाकी 34 सूडानी हूरों ने पाकिस्तानी धर्म-गुरुओं को निशाना बनाते हुए काफी गाली-गलौच की है।”

वहीं इस ख़बर को सुनकर हाफ़िज़ ने अपने सचिव से इच्छा जताई कि उसे भी सुबह 11 बजे के पहले तक पाकिस्तानी फौजियों के हवाले कर दिया जाए ताकि वो भी 420 वें बैच (जो कि अधिक हूरों के कारण अब लोकप्रिय हो गया है) में ही अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें। हाफ़िज़ की इस इच्छा पर उसके सचिव के साथ मारपीट होने की ख़बरें आई हैं। सूत्र बताते हैं कि हाफ़िज़ का सचिव खुर्रम पूर्व में सेना में एक बड़ा अफ़सर था और सेना में आज भी उसका मान-सम्मान है। इसी बात का फायदा उठाकर खुर्रम ने कई बार हाफ़िज़ का यौन-उत्पीड़न भी किया है। उसने हाफ़िज़ के जन्नत जाने पर खुद के अकेले हो जाने के कारण हाफ़िज़ सईद के मारपीट की है, जिस से क्षुब्ध होकर हाफ़िज ने खुद को कमरे में बंद कर रखा है। वहीँ भारत के इस आॅपरेशन से पाकिस्तानी सेना ने दूरी बनाये रखने में ही भलाई समझी है।



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