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डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी रैलियों में भीड़ जुटाने का कॉन्ट्रैक्ट अमित शाह को मिला

05, Mar 2020 By चीखता सन्नाटा

वाशिंगटन/ नयी दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा और मोटेरा स्टेडियम में हुए भव्य कार्यक्रम की असली वजह धीरे-धीरे सामने आ रही है, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि इस यात्रा का असली मकसद ट्रंप और अमित शाह के बीच होने वाला एक गुप्त समझौता था जिसके अनुसार ट्रंप ने अपनी चुनावी रैलियों में भीड़ जुटाने का ठेका शाह जी को दे दिया है।

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शाह द्वारा भेजी गयी भीड़ के सामने ट्रंप

माना जा रहा है कि मोटेरा स्टेडियम की निर्माणाधीन खोली में इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गए थे। स्टेडियम में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर ट्रंप को यह धाँसू आईडिया आया था, उन्होंने इस बारे में अमित शाह को राजी करने के लिए मोदीजी पर दबाव भी डाला था।

ट्रंप ने कहा- “मि. मोडी, एमिट शाव् को इस कॉन्ट्रैक्ट में साइन करने को बोलो, बदले में मैं पाकिस्तान को पाव भर लताड़ लगाने को तैयार हूँ!”

इस समझौते के अनुसार अमित शाह ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत ट्रंप की सभी चुनावी रैलियों की कमान संभालेंगे और हर जनसभा में दस हजार की भीड़ जुगाड़ करके देंगे, जो अमेरिका के हिसाब से एक बहुत बड़ी भीड़ मानी जाती है।

उधर, अमित शाह अपने काम में लग भी गए हैं, ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान को उन्होंने अमेरिका में भी इंप्लीमेंट कर दिया है, पन्ना प्रमुखों को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है, मिस कॉल से सदस्य बनाने का अभियान भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। कल ही शाह जी ने कसम खाई है कि वो इस चुनाव में ‘जो बाइडेन’ की ऐसी-तैसी कर देंगे।

हालाँकि भारत में चुनाव आयोग को एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था घोषित करने को लेकर सरकार पहले ही मन बना चुकी थी, अब ट्रंप जैसा क्लाइंट मिलने के बाद सरकार की कोशिशों को नयी मजबूती मिली है।

“भारतीय चुनाव व्यवस्था में अमेरिका का भरोसा साबित करता है कि हमारे देश में प्रजातंत्र कितना मजबूत है, हम अन्य देशों को भी यह सुविधा प्रदान करने के बारे में विचार कर रहे हैं!” -विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया।

इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भारी उछाल दर्ज की गई है, कोरोना वायरस की चपेट में आने से दबाव झेल रहे होटल स्टॉक्स भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।



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