चलते चलते

गर्लफ्रेंड से बतियाते-बतियाते ईयरफोन ही निगल बैठा नया-नया आशिक़! सर्जरी करके निकाला गया

17, Mar 2020 By Ritesh Sinha

भोपाल. जमुना बाई चैरिटेबल अस्पताल के मुख्य सर्जन जोगेश्वर चौटाला ने सूचना दी है कि भुवन पांडे की सर्जरी सौ प्रतिशत सफल रही है और वो अब खतरे से बाहर है। डॉक्टर साब ने ये भी कहा कि भुवन अभी कुछ दिन हॉस्पिटल में ही रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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हादसे से थोड़ी देर पहले की तस्वीर

भुवन नाम का ये लड़का उस समय सुर्ख़ियों में आया जब इयरफोन खा जाने की दुर्घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हुआ यूँ कि भुवन एक नया-नया आशिक है, ‘अंबानी की कंपनी में काम करता हूँ!’ -ऐसा झूठ बोलकर उसने एक सुंदर लड़की जैसे-तैसे फँसा ली थी। उसी लड़की से वो दिन-भर फोन पर लगा रहता था, जैसा कि अक्सर होता है।

भुवन से गलती ये हो गयी कि उसके पास ब्लूट्रुथ वाला इयरफोन था ही नहीं, सो उसे उसी लंबी वायर वाले इयरफोन से काम चलाना पड़ा।

अपनी प्रिये से बात करते हुए ना जाने कब उसने इयरफोन का माइक वाला हिस्सा अपनी दॉंतों में चबा लिया और ना जाने कब वो उसे निगल भी गया। जब उधर से कोई आवाज नहीं आई तब उसे पता चला कि कुछ तो गड़बड़ हुआ है।

ध्यान से देखने पर पता चला कि इयरफोन का वायर, उसने चूहे की तरह कुतर डाला है और बाकी का हिस्सा उसके पेट में चला गया है। भुवन डर गया, काटो तो खून नहीं! बाद में उसे घरवालों ने अस्पताल में जमा करवाया, जहाँ डॉक्टरों ने दो घंटे की काम्प्लेक्स सर्जरी के बाद माइक को बाहर निकाला।

अस्पताल के बिस्तर पर लेटे भुवन ने हमें बताया कि, “बहुत लंबी बातचीत होती थी भाईसाब! समय का पता ही नहीं चलता था, इतना ध्यान अगर मैं पढ़ाई-लिखाई में लगाता तो आज 24 परगना जिले का कलेक्टर बन गया होता!

उस दिन भी मैं उसे पाइथगोरस प्रमेय के बारे में कुछ समझा रहा था, इस दौरान इयरफोन का माइक मैंने मुँह में ऐसे दबा रक्खा था जैसे अर्नब अपने शो में पैनलिस्ट को दबाके रखता है! इसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है! खैर, अब मैंने ब्लूट्रुथ वाला इयरबड्स ले लिया है!” -कहते हुए उसे नींद आ गयी।



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