Thursday, 27th February, 2020

चलते चलते

मैकेनिकल इंजीनियर ने ढूँढ निकाला विक्रम लैंडर, देश भर के इंजीनियर बोले- "अब हमारा मज़ाक उड़ाया तो ठीक नहीं होगा!"

03, Dec 2019 By Ritesh Sinha

चेन्नई के एक मैकेनिकल इंजीनियर, शनमुगा सुब्रमण्यम ने विक्रम लैंडर को ढूँढ निकाला है। शनमुगा, काम से आने के बाद हर रोज चार से पाँच घंटे ‘विक्रम लैंडर’ को ढूंढने में लगाते थे और एक-एक पिक्सल की गहराई से जाँच करके स्पॉट में आये बदलाव को नोटिस करते थे!

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मैकेनिकल वाले का कमाल

लगभग ढाई महीने की उसकी मेहनत रंग लाई और उसने उस जगह का पता लगा लिया जहाँ पर लैंडर के पुर्जे बिखरे पड़े हैं। इस घटना के बाद देश भर के मैकेनिकल इंजीनियरों में ख़ुशी की लहार दौड़ गयी है।

मैकेनिकल वालों को तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि हमारे कुनबे का एक लड़का इतना बड़ा काम कैसे कर सकता है? फिर भी वो इस उपलब्धि पर गर्व करने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहते।

इस घटना के बाद इंजीनियरों ने धमकी दी है कि अब अगर हमारा मजाक उड़ाया गया तो ठीक नहीं होगा!

दिल्ली के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियर विनय चौबे ने बताया कि, “देखिए! आज पहली बार मुझे ये लग रहा है कि अच्छा हुआ कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में लड़कियाँ नहीं आतीं, वरना ‘शणमुगा’ जैसे होनहार नौजवान अपनी राह से भटक जाते और लैंडर वहीं पर पड़ा-पड़ा सूख जाता!

अब मेरी देशवासियों से अपील है कि हम पर जोक्स बनाना बंद किया जाए क्योंकि हम लोग भी कभी-कभी अच्छा काम कर देते हैं! देश में 70% जोक इंजीनियर से शुरू होते हैं कॉलेज के मेस में जाकर ख़त्म हो जाते हैं, ये क्या हो रहा है?

हमारी छोटी-छोटी बातों का मजाक उड़ाया जाता है, पंचिंग बैग बनकर रह गये हैं! अब ये सब नहीं चलेगा, हमे समाज में इज्जत मिलनी चाहिए!” -विनय ने अपनी बात पूरी की।



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