Sunday, 26th January, 2020

चलते चलते

इस बार 'चंद्रयान' को ख़ुद चंद्रमा की सतह पर छोड़कर आयेंगे मोदी जी

22, Jul 2019 By किल बिल पांडे

श्रीहरिकोटा. लॉन्च से पहले ही चंद्रयान-2 जमकर सुर्खियाँ बटोर रहा है, लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि यह मिशन क्यों और कैसे किया जा रहा है। 15 जुलाई को एक बार पहले भी इसे लॉन्च करने की तैयारी हो ही चुकी थी लेकिन लॉन्च से 56 मिनट पहले ही तकनीकी ख़राबी की वजह से इसे टाल दिया गया था।

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रॉकेट ले जाने से पहले भाषण देते मोदी जी

प्रक्षेपण भले ही एक बार टल गया हो, पर इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं होगा क्योंकि वजह हैं ‘मोदी जी’! सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम से सबसे ज्यादा दुःख अगर किसी को पहुँचा था,  तो वो हैं देश के प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी जी। शायद यही वजह है कि उन्होंने ‘इसरो’ के वैज्ञानिकों पर भरोसा न करके प्रक्षेपण का कार्यभार अपने कंधो पर ले लिया है।

हालाँकि इसरो ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन आदत से मजबूर पत्रकार श्वेता सिंह ने खुद फ़ेकिंग न्यूज़ को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि “आपको क्या पता? चाँद पर ‘मोदी-मोदी’ होने का कार्यक्रम टलने के बाद मोदीजी कितने हताश हुए थे ?

“हताशी का आलम ये रहा कि उन्होंने अपने 18 घंटे काम करने की अवधि को और बढ़ा डाला और उसी वक्त नये सिरे से सारी कैलक्युलेशन कर डाली!” -श्वेता ने अपने नोट में चिप ढूंढते हुए कहा।

अपनी इन्हीं गणनाओं की बदौलत मोदी जी ने प्रक्षेपण की नयी तारीख का ऐलान किया था और साथ ही ये घोषणा भी की थी कि इस बार रॉकेट को वो खुद चाँद की सतह तक छोड़ कर आयेंगे। अब चाहे क्लाउड हो या चक्रवात, मोदी जी मिशन पूरा करके ही लौटेंगे!” कहते हुए श्वेता स्टूडियो की तरफ भाग निकलीं।



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