Tuesday, 25th September, 2018

चलते चलते

मोबाइल चार्जर ने अपने मालिक को दिया श्राप, कहा- "तेरा बॉस भी तुझसे दिन भर काम लेगा!"

23, Mar 2018 By Ritesh Sinha

गुरुग्राम. अपने मोबाइल ‘चार्जर’ से दिन भर काम लेना गौरव छिब्बर को उस समय भारी पड़ गया, जब चार्जर ने उसे श्राप दे दिया। दिन भर की थकान के बाद ‘बैटरी’ को साक्षी मानकर उसने गौरव से कह दिया, “मुझसे दिन भर काम लेने वाले निर्दयी! जा, तेरा बॉस भी तुझसे इसी तरह दिन भर काम लेगा!”

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मोबाइल चार्जर से ओवरटाइम कराता गौरव

चार्जर के इस श्राप का गौरव की जिंदगी में व्यापक असर हुआ है। वो सुबह आठ बजे ऑफिस के लिए निकलता है और रात को बारह बजे ही घर लौटता है। ना गौरव का बॉस गौरव को चैन से जीने दे रहा है और ना ही गौरव अपने चार्जर को चैन से जीने दे रहा है!

हमारे माइक से बात करते हुए चार्जर ‘एप्पल’ कुमार ने बताया कि “जब से गौरव ने मुझे खरीदा है, मेरी तो कमर ही टूट गई है! दुनिया भर के एप्स डालकर रख लिये हैं उसने अपने मोबाइल में और उन सबका बोझ मुझे ही उठाना पड़ता है! मैंने कई बार कहा कि मैं सुबह दो घंटे और शाम को दो घंटे काम करूँगा, लेकिन उसने मेरी एक ना सुनी! मजबूरी में मुझे उसे श्राप देना ही पड़ा!” -कहते हुए एप्पल कुमार जी अपने शरीर पर आयोडेक्स मलने लगे।

“पिछले दिनों जब मेरी पूंछ टूट गई थी तो मैंने कहा कि अब मुझे रिटायर कर दो! लेकिन वो तो मुझ पे टेप मारकर काम चला रहा है! ऐसे में मैं श्राप नहीं दूंगा तो क्या उसकी आरती उतारुँगा!” -एप्पल जी ने आगे बताया।

उधर, गौरव को इस बात की जानकारी नहीं है कि उसे श्राप मिल चुका है। वो मन ही मन सोचता है कि “साला! अचानक काम कैसे बढ़ गया ऑफिस में! पहले तो इतना काम नहीं था, देश कुछ ज़्यादा ही तरक्की कर रहा है शायद!”

वहीँ, दिल्ली यूनिवर्सिटी में समाजशस्त्र पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर संपत लाल जी ने बताया कि “देखिए! अगर आप भी ऑफिस में दिन भर जान रगड़ते हैं, तो मान लीजिए आपको भी श्राप मिल चुका है! इसका सिर्फ एक ही उपाय है, अपने चार्जर को थोड़ा आराम दीजिए! वो खुश होगा तो कुछ दिन बाद श्राप वापस भी ले लेगा!”



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