Saturday, 22nd September, 2018

चलते चलते

अखिलेश, हार्दिक और कैंब्रिज एनालिटिका का हश्र देख, एप्पल दे सकती है राहुल गाँधी को सैमसंग को ख़त्म करने का काम

07, May 2018 By Guest Patrakar

एजेंसी. दुनिया की मशहूर कंपनी ‘एप्पल’ के दिन आजकल कुछ अच्छे नहीं चल रहे हैं। शायद यही कारण है कि कंपनी ने दूसरी कंपनियों से लड़ने के लिए काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की मदद लेने का फ़ैसला लिया है। पिछले दिनो एप्पल को Xiaomi, मोटो और सैमसंग के सस्ते फ़ोन की वजह से भारी नुक़सान उठाना पड़ा था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

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मम्मी मुझे सैमसंग को बर्बाद करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है!

हमने एप्पल के COO डेविड गुप्ता से बात की और उनके इस फ़ैसले की वजह जानी। डेविड ने कहा “पिछले दो महीनो में एप्पल को भारी नुक़सान हुआ है! जिसके सीधे ज़िम्मेदार सस्ते  एंड्राइड फ़ोन बनाने वाली कंपनियाँ हैं! बस, इसीलिए हमने राहुल की मदद लेने की ठानी है, हमें पता चला है कि राहुल में एक अलग क़िस्म की ख़ूबी है! वो जिनका हाथ भी थामते हैं उनकी लुटिया डूब जाती है! अब आप अखिलेश यादव, लालू यादव, हार्दिक पटेल, केम्ब्रिज ऐनलिटिका और उनकी ख़ुद की काँग्रेस पार्टी को ले लीजिए!”

“सब जानते हैं कि राहुल जिनके लिए भी मैदान में उतरते हैं, वो इंसान दोबारा मैदान में नज़र नहीं आता! बस इसलिए हमने उन्हें चुना है! हम उनकी अपनी विरोधी कंपनियों से दोस्ती कराएँगे, जैसी ही दोस्ती होगी वो कंपनियाँ डूब जाएँगी! और फिर मार्केट में सिर्फ हमारा कब्ज़ा होगा!” -कहते हुए डेविड उछल पड़ा।

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा जब किसी को बर्बाद करने के लिए राहुल का सहारा लिया जा रहा हो! इस से पहले भी मेक्सिको की मशहूर ‘कसीनो’ में राहुल को खड़ा किया जाता था, जहाँ वो अक्सर जीतने वालों से दोस्ती करके उनकी हार का रास्ता साफ़ कर देते थे! राहुल को क़रीब से जानने वाले तो यहाँ तक दावा करते हैं कि जब काली बिल्ली राहुल का रास्ता काटती है, तो काली बिल्ली के साथ अपशकुन हो जाता है।

ख़ैर, राहुल के कुछ दिन एप्पल में जाने से किसी काँग्रेस कार्यकर्ता को दिक़्क़त नहीं है। उनका कहना है कि चुनाव का समय है, ऐसे में राहुल जितने दिन के लिए भी पार्टी से दूर रहें, उसमें  पार्टी का ही फ़ायदा है। बल्कि हम तो आशा करते हैं वो 2019 से पहले वापस ही ना आए।

राहुल गाँधी ने इस सैमसंग के इस ऑफर के बारे में अभी कोई बयान नहीं दिया है। जब हमने  उनके पीए बनवारी लाल से पूछा तो उन्होंने बताया कि “वो पिछले 20 दिनों से संसद में 15 मिनट बोलने की प्रैक्टिस कर रहे हैं, और अभी किसी से भी बात नहीं कर सकते!”



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