Monday, 26th August, 2019

चलते चलते

UNESCO ने ऐतिहासिक धरोहरों की लिस्ट में शामिल की ICC की 'रूल बुक'

19, Jul 2019 By किल बिल पांडे

पेरिस. क्रिकेट वर्ल्ड कप, इंग्लैड की जीत के साथ भले ही खत्म हो गया हो पर आई.सी.सी के बेतुके नियम अब भी सुर्खियाँ बटोर रहे हैं। ये वही नियम हैं जिनकी वजह से इंग्लैंड ने ‘कप’ जीता पर न्यूज़ीलैंड केवल दिल ही जीत पायी। कई दिग्गज खिलाड़ियों ने सुपर ओवर के रूल्स को बदलने की माँग की है, हालाँकि ‘ICC’ हमेशा की तरह कान में तेल डालकर सोयी हुई हैं।

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ICC की रूल बुक

ऊँटपटांग नियमों की वजह से चौतरफ़ा हमला झेल रही आईसीसी के लिए इस बीच एक अच्छी ख़बर आयी है। विश्व की ऐतिहासिक धरोहरों को प्रमाणित करने वाली संस्था यूनेस्को (UNESCO) ने आईसीसी की उसी रूल बुक को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में शामिल कर लिया है।

अपने पेरिस स्थित मुख्यालय से ‘यूनेस्को’ ने इस बात की औपचारिक घोषणा की। इस घोषणा के बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यूनेस्को के प्रवक्ता बीकर केंट ने बताया कि “हम पर भी टारगेट पूरा करने का प्रेशर रहता है भाईसाब! ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में शामिल करने के लिए हम वैसे भी आउटिंग के नाम पर टूर बनाते ही रहते हैं पर काफी टाइम से हमें लिस्ट में शामिल करने के लिए कुछ अच्छी जगह मिल ही नहीं रही थी!”

एक गिलास पानी पीने के बाद ‘केंट’ ने आगे बताया कि, “फिर हमने क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल देखा, हमारी तो जैसे लौटरी ही लग गयी! जिस अजीबो-गरीब नियम के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया, उससे तो सबका सर चकरा गया! बाद में पता चला कि ये गोबर रूल्स आई.सी.सी की किताब में लिखे हुए हैं! हमने पूरी किताब चाट डाली, आखिरी पन्ने तक आते-आते हमें यकीन हो गया कि ऐसे नमूनों को तो ऐतिहासिक धरोहरों की लिस्ट में शामिल करना ही चाहिए!”

आने वाली पीढ़ी इस किताब को पढ़कर यह जान जायेगी कि सिर्फ हमीं बेवकूफ नहीं हैं, हमारे पूर्वज भी अच्छे-खासे बेवकूफ थे।” -कहते हुए केंट के चेहरे में चमक आ गयी।

इस मामले पर इंग्लैंड का पक्ष जानने के लिए जब हमने ब्रिटेन की रानी से संपर्क किया तो उनके ऑफिस ने हमें बताया कि, ‘अभी महारानी उसी कप में चाय पीने में व्यस्त हैं!’



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