Sunday, 21st July, 2019

चलते चलते

जो 'सामग्री' जीत की ख़ुशी के लिए मँगा के रखी थी, उसे ग़म में पी गये शास्त्रीजी

10, Jul 2019 By बगुला भगत

मैनचेस्टर. टीम इंडिया वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से 18 रन से हार गयी और ख़ुशी का माहौल अचानक ग़म में बदल गया लेकिन एक चीज़ ऐसी थी, जो ग़म और ख़ुशी में भी एक जैसी ही रही और वो है शास्त्रीजी की आदत!

Shastri-Talli
ग़म और ख़ुशी में एक जैसे रहते हैं शास्त्रीजी

टीम इंडिया के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि कोच रवि शास्त्री ने जो ‘सामग्री’ जीत की ख़ुशी के लिए मँगा के रखी थी, उसे वो ग़म में पी गये। सूत्रों ने बताया कि मँगा तो उन्होंने तभी ली थी, जब भारत की जीत पक्की लगने लगी थी। लेकिन फिर अचानक जड़ेजा आउट हो गया और फिर धोनी और सारा सीन बदल गया।

थोड़ी देर तो शास्त्रीजी चुप बैठे रहे लेकिन फिर उन्होंने ये कहते हुए ढक्कन खोल दिया कि “साला, आज तो इतनी टेंशन हो गयी कि…” और फिर एक के बाद एक कई ‘लिटिल लिटिल’ हो गये और वो पूरे मूड में आ गये।

पोस्ट मैच सेरेमनी में जब केविन पीटरसन ने उनसे पूछा कि “शास्त्रीजी ये तो आपने विक्ट्री सेलिब्रेट करने के लिए मँगाई थी, फिर ये सब क्या है?” तो हल्के-हल्के झूम रहे शास्त्रीजी ने कहा, “तब ख़ुशी में पीता, अब ग़म में पी रहा हूँ! फ़र्क क्या है! ऑल थ्री रिजल्ट्स आर पॉसिबल…एवरीटाइम!”

“बड़े लोगों की पहचान यही है कि वे ग़म और ख़ुशी में एक जैसे रहते हैं!” – यह कहकर उन्होंने चहल को इशारे से बुलाया और उसके हाथ में कुछ थमाते हुए बोले, “कमरे में पीला वाला बैग पड़ा है, उसे ले जा…और हाँ…एक छोटी गोल्ड फ़्लैक का पैकेट भी लेते आना!” और कुछ गुनगुनाते हुए ड्रेसिंग रूम की तरफ़ बढ़ गये।



ऐसी अन्य ख़बरें