Friday, 18th January, 2019

चलते चलते

एक करोड़ में बिकने के बाद युवराज सिंह बोले- 'इंसानियत अभी ज़िंदा है!' मनोज तिवारी ने कहा- "मर गई है!"

19, Dec 2018 By Ritesh Sinha

जयपुर. पहले दौर की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद आखिरकार युवराज सिंह को खरीददार मिल ही गया और मुंबई इंडियंस ने उन्हें एक करोड़ के बेस प्राइस पर टीम में शामिल कर लिया। इस खबर के बाद ‘युवी’ फूले नहीं समा रहे हैं। फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने घोषणा की है कि, “इंसानियत अभी ज़िंदा है मेरे दोस्त, मैं फालतू में शक कर रहा था!”

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बिकने के बाद युवी का हाल

कई दिग्गज और युवा खिलाड़ियों के अनसोल्ड रह जाने के बावजूद ‘युवी’ ने अपने लिए रास्ता निकाल ही लिया। जबकि उनकी फिटनेस और फॉर्म, दोनों सवालों के घेरे में है। यही कारण है कि युवी को अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहा है।

“पहली बार में जब मुझे किसी ने नहीं खरीदा तो मैं तो घबरा ही गया था! यहाँ तक कि मैंने कमेंट्री करने या पिच रिपोर्ट वगैरह बताने की प्रैक्टिस भी शुरू कर दी थी! लेकिन जब दूसरी बार में मुझे मुंबई वालों ने खरीद लिया तब जाकर जान में जान आयी! अब भाड़ में गई कमेंट्री, गौतम गंभीर तो है वहाँ! अगले साल देखेंगे!”

“मुझे लगता था कि इंसानियत बची नहीं है लेकिन मैं गलत था!” -युवी ने भावुक होते हुए आगे कहा।

हालाँकि मनोज तिवारी, युवराज सिंह की बातों से इत्तेफ़ाक़ नहीं रखते। उनका कहना है कि, “इंसानियत तो कब की मर चुकी है!” दरअसल, पिछले सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद तिवारी को इस साल किसी ने नहीं खरीदा है, इसीलिए उनका गुस्सा ‘इंसानियत’ पर निकल रहा है।

तिवारी ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “किसने देखा है इंसानियत को? मैंने तो नहीं देखा! शतक मारने के बाद भी टीम इंडिया से बाहर बैठा हूँ, और ये आईपीएल वालों को भी मेरी परवाह नहीं है! 2017 में पुणे को फाइनल तक किसने पहुँचाया? भाई ने.. पर आज देख लो, कोई पूछने वाला ही नहीं है, कम से कम युवी पाजी से तो अच्छा हूँ मैं! बात करते हैं.. सच में ‘इंसानियत’ नाम की चीज़ नहीं बची इस दुनिया में!”

“मुझे तो हाथ फैलाकर गेंदबाज़ी करनी भी आ जाती है, अब तो खरीद लो?” -उन्होंने झुंझलाते हुए आगे कहा।



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