Monday, 16th September, 2019

चलते चलते

स्लो खेलकर विपक्षी टीम को बोर करके हराना चाहते हैं एम. एस. धोनी: रवि शास्त्री

30, Jun 2019 By Guest Patrakar

ब्यूरो. पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ख़राब प्रदर्शन के समर्थन में उतर चुके हैं भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री। धोनी ने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अर्धशतक तो बनाया लेकिन वो इतना धीरे था कि क्रिकेट जगत में उनकी घोर निंदा हुई। पर शास्त्री का कुछ और ही मानना है, उनका कहना है कि ‘धोनी’ इसलिए स्लो खेल रहे हैं ताकि वो सामने वाली टीम को बोर कर सकें और इसी बहाने उन्हें हराने में आसानी हो जाए।

ms-dhoni स्लो
शॉट लगाते हुए धोनी की दुर्लभ तस्वीर

शास्त्री ने हमसे बात करते हुए कहा “धोनी जो भी करते हैं उसके पीछे कोई चाल छुपी होती है, कई बार हम जैसे साधारण लोग उनकी चाल को समझ नहीं पाते हैं! उनके धीरे खेलने के पीछे का कारण भी हमें अब पता चला है, दरअसल, T-20 आने के बाद प्लेयर्स ODI भी बहुत फुर्ती से खेलने लगे हैं, ऐसे में ज़रूरी होता है कि उन्हें थोड़ा ‘कूल’ किया जाए!”

अब कूल करने का काम मि. कूल से अच्छा कौन कर सकता है भला? वो आते हैं और इतनी बॉल खाते हैं कि विपक्षी खिलाड़ी बोर होकर वाइड देना शुरू कर देते हैं, या ऐसी ढीली गेंद दे देते हैं जिस पर आसानी से रन बन जाएँ!”

यही वजह है कि जब दूसरी टीम बल्लेबाज़ी करने आती है तो प्लेयर्स सुस्त हो जाए रहते हैं, उन्हें लगता है कि ‘चलो! यार जल्दी करो, बहुत हुआ!’ इसलिए मैं कहता हूँ कि ‘माही’ जैसा खेल रहे हैं, उन्हें वैसा खेलने दिया जाए!” -शास्त्री ने आगे बताया।

रवि शास्त्री की यह बात सुनकर ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक, नमन ओझा, पार्थिव पटेल और रिद्धिमान साहा ने भी धीरे खेलने की स्ट्रैटेजी अपना ली है। उनका कहना है कि “हम हमेशा से सोचते थे कि टीम में जगह पाने के लिये तेज़ मारने की ज़रूरत होती है लेकिन कोच की बात सुनकर पता चला कि धीरे-धीरे खेलना ज्यादा जरूरी होता है! तेज़ खेलकर तो कभी जगह नहीं मिली, सोच रहे हैं कि स्लो खेलना शुरू कर दें, शायद बात बन जाए!”

खैर, यह रणनीति हो या नहीं लेकिन धोनी के इस प्रदर्शन से ख़ुद उनके फ़ैन भी परेशान हैं, सबकी ज़ुबान पर बस एक ही सवाल है.. माही कब मारेगा?



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