Tuesday, 25th September, 2018

चलते चलते

भारतीय गेंदबाजों को स्लीप फील्डरों पर उतना ही भरोसा है जितना नरेन्द्र मोदी को शत्रुघ्न सिन्हा पर: रिसर्च

20, Aug 2018 By Ritesh Sinha

एजेंसी. पैसा-ला युनिवर्सिटी के छात्रों ने रिसर्च करके पता लगाया है कि भारतीय गेंदबाजों को अपनी स्लीप फील्डिंग पर उतना ही भरोसा है जितना नरेन्द्र मोदी को शत्रुघ्न सिन्हा पर है, यानि जीरो! रिसर्च में शामिल छात्रों का कहना है कि गेंदबाज़ जब गेंद फेंकने जाता है तो उसे पक्का यकीन होता है कि बल्लेबाज़ गलती जरूर करेगा और ‘Edge’ निकल ही आएगा, लेकिन उसे इस बात का जरा भी यकीन नहीं होता कि स्लीप फील्डर कैच पकड़ेंगे भी या नहीं! यही वजह है कि आजकल कैच पकड़ने का सारा बोझ रिषभ पंत के कंधों पर डाल दिया गया है! ये तो अच्छा हुआ कि तीसरे मैच में सारे कैच कीपर के पास जा रहे हैं वरना स्लीप वालों के भरोसे तो लुटिया डूब जाएगी!

fielding
कैच लेने की कोशिश करता स्लीप फील्डर

अपनी खोज के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए रिसर्च हेड मोहित दुबे ने बताया कि  “देखिए! हमने अपनी रिसर्च में पाया है कि स्लीप फील्डर्स और शत्रुघ्न सिन्हा में गहरा रिश्ता है! दूर से देखें तो ऐसा लगता है कि दोनों अपनी-अपनी टीम की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर ही असलियत पता चलती है!”

“शत्रुघ्न सिन्हा बीजेपी के नेता कहे जाते हैं लेकिन वो ऐसा कोई काम नहीं करते जो उनकी पार्टी के हित में हो! ठीक वैसे ही ‘स्लीप फील्डर’ वैसे तो टीम इंडिया की तरफ से खेलते हैं लेकिन पूरे मैच में एक-दो कैच लपक लेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है! गेंद जब भी उनके इलाके में ट्रेवल करती है तो उसके भाग्य में छूट जाना ही लिखा रहता है! लगता है इन लोगों ने अपने नाम को ‘लिटरली’ लेना शुरू कर दिया है, सो ही जाते हैं मैदान पर!”

उधर, नाम ना छापने की शर्त पर इशांत शर्मा ने हमें बताया कि “अब तो मुझे उन लोगों से कोई उम्मीद भी नहीं है, आदत सी हो गई है! मैं तो मान के चलता हूँ कि स्लीप में खड़े सारे लोग ‘HR वाले हैं, कैच पकड़ लिया तो ठीक वरना अगली गेंद तो मुझे फेंकनी ही है!” वहीँ, खुद शत्रुघ्न सिन्हा इस रिसर्च को फर्जी बता रहे हैं, उन्होंने कहा कि “मेरी पार्टी मुझ पर पूरा भरोसा करती है और मैं भी अपनी पार्टी पर पूरा भरोसा करता हूँ! ये रिसर्च करने वाले पागल हैं!”



ऐसी अन्य ख़बरें