Sunday, 8th December, 2019

चलते चलते

कैंडल मार्च के लिए मोमबत्तियाँ कम पड़ने के विरोध में युवक अगरबत्ती मार्च पर निकला

01, Dec 2019 By चीखता सन्नाटा

 नयी दिल्ली. विरोध के लिए सरकारी रेट पर मोमबत्तियाँ उपलब्ध न कराये जाने के विरोध में दिल्ली के नवयुवक रोहन गुप्ता ने देश की सोई जनता को जगाने के लिए अगरबत्ती मार्च पर जाने का कठोर कदम उठाया है।

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यही करना चाहता है रोहन

“पहले जनता मुर्गे की बांग सुनकर उठ जाती थी पर आजकल तो मुर्गा खाने के बाद भी जनता नहीं जागती!” -गुस्से से भरे रोहन ने हमें बताया, “ठूंस-ठूंस कर खाकर बहरी हो चुकी जनता को जगाने के लिए मोमबत्तियाँ ही एकमात्र रास्ता थीं पर अब तो वो भी कम पड़ गयी हैं!

ये अत्याचार नहीं तो और क्या है? इसलिए मैंने थोक में अगरबत्तियाँ खरीद कर उनसे ही विरोध जताने का फैसला किया है!” -रोहन ने आगे बताया।

“मेरे कई साथी सिर्फ इसलिए धरने पर नहीं आये क्योंकि सभी अगरबत्तियाँ एक ही खुशबू की थी! साथ ही आधुनिक फैशन से  मैच करती अगरबत्तियाँ भी मार्केट से गायब हैं, सिर्फ एक ही खुशबू  की अगरबत्ती उपलब्ध होना सरकार की फासीवादी सोच दर्शाता है। सरकार एक ही वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है। यह हमारे धर्मनिरपेक्ष समाज पर कठोराघात है!” -धरने पर अकेले बैठे रोहन ने बताया।

वहीं विपक्षी दल के नेता ने रोहन के कदम स्वागत किया है, उन्होंने कहा कि, “हमारी सरकार के समय करोड़ों लोगों के मार्च के लिए भी मोमबत्तियाँ कम नहीं पड़ती थीं और अब लोग एक-एक अगरबत्ती के लिए तरस रहे हैं!

सरकार ने जान-बूझकर मोमबत्तीयों की सप्लाई में कटौती की, ताकि हमारा विरोध मार्च रोका जा सके!”

थाईलेंड से लौटते ही देश के इकलौते युवा नेता, 49 वर्षीय श्री राहुल गांधी जी ने रोहन की मांग को देश-व्यापी आँदोलन में बदलने के लिए उसे पूरा सहयोग देने का निर्णय लिया है। इसके लिए राहुल जी अपने साथ थाईलेंड की लोकल अगरबत्तियाँ लेकर आएँगे।



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