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परीक्षा में नकल रोकने के लिए योगी सरकार का बड़ा एलान, कहा- "जो नकल नहीं करेगा उसे कर दिया जाएगा पास!"

28, Feb 2020 By Ritesh Sinha

 लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार, बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने का भरसक प्रयास कर रही है लेकिन नकल माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और कई जगह से सामूहिक नकल की ख़बरें आ रही हैं।

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ये सब नहीं चलेगा!

इसी समस्या से तंग आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकल रोकने की निंजा तकनीक ढूँढ निकाली है, उन्होंने एलान किया है कि जो भी छात्र, परीक्षा में नकल ‘नहीं’ करेगा उसे इनाम के तौर पर पास कर दिया जाएगा, चाहे उसने अपनी उत्तर-पुस्तिका में ढिंचक पूजा का गाना ही क्यों ना लिख दिया हो!

योगी के इस एलान के बाद माना जा रहा है कि नकल माफियाओं पर लगाम लगेगी और बच्चों में चीटिंग ना करने का चलन पैदा होगा क्योंकि ज्यादातर नकल पासिंग मार्क्स लाने के लिए ही किये जाते हैं।

आज सुबह ‘राज्य स्तरीय बटुक संवर्धन योजना’ की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, “देखिए! ये समस्या बहुत पुरानी है, मैंने सोचा था कि कड़ी कार्रवाई करके इन सबको सुधार दूंगा लेकिन ये तो दंगाइयों से भी ज्यादा ढीठ निकले, नकल करने से बाज नहीं आ रहे!

अब उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ नया करने की ठान ली है, इस योजना के लागू होने के बाद उन सबको पास कर दिया जाएगा जिसने परीक्षा में नकल नहीं की है, चाहे कोई लड़का गणित में जीरो नंबर भी बड़ी मुश्किल से क्यों ना प्राप्त करे, ‘बटुक संवर्धन योजना’ के तहत वो अगली कक्षा में पहुँच जाएगा!” -योगी के इस एलान के बाद हॉल तालियों से गूँज उठा।

साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी योजना लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, उधर बिहार सरकार ने भी अपने यहाँ नकल रोकने के लिए इसी मॉडल को अपनाने के संकेत दिए हैं।

समाज शास्त्रियों ने यूपी सरकार के इस कदम की सराहना की है, बाबू बनारसी दास कॉलेज में समाजशास्त्र पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि, “ये बहुत अच्छी योजना है, अब बच्चों को नकल माफियाओं को पैंतीस हजार रुपये देने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे तो बिना नकल के भी पास हो जाएंगे! अब ना रहेगा बाँस, ना बजेगी बाँसुरी!”



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