Thursday, 27th February, 2020

चलते चलते

उत्तर प्रदेश की विधानसभा ने प्री-वेडिंग फोटोशूट के खिलाफ प्रस्ताव किया पारित, योगी ने फोटोशूट को बताया 'निरर्थक'

20, Jan 2020 By Ritesh Sinha

लखनऊ. एक ओर जहाँ केरल और पंजाब की विधानसभाओं में CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित किये जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सरकार अलग ही समस्या से जूझ रही है। उत्तर प्रदेश में रविवार को विधानसभा की आपातकालीन बैठक बुलाकर ‘प्री-वेडिंग फोटोशूट’ के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। दरअसल, प्री-वेडिंग फोटोशूट’ करवाने का गोरखधंधा, अब बड़े शहरों से निकलकर गाँव-कस्बों तक आ पहुँचा है, यही वजह है कि योगी सरकार ने  विधानसभा की आपात बैठक बुलाकर अपना विरोध दर्ज करवाया है।

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इसी के खिलाफ हुआ प्रस्ताव पारित

असेंबली में दूल्हा-दुल्हन, लड़का वाले, लड़की वाले, रिश्तेदार सबके खिलाफ निंदा प्रस्ताव जारी किया गया, यहाँ तक कि कैमरामैन को भी नहीं छोड़ा गया।

इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने फोटोशूट की पूरी प्रक्रिया को ‘निरर्थक’ बताया है, उन्होंने कहा कि ये सब करने से कोई फायदा नहीं होता, शादी में तो भर-भर के फोटो खींचे ही जाते हैं इसलिए इसमें पैसा खर्चा करने की क्या जरूरत है। दो महीने बाद इन फोटोज को देखने वाला कोई नहीं होता।

वहीं यूपी के उप-मुख़्यमंत्री ने कहा कि, “ये सब कैमरामैनों की वजह से हो रहा है, पैसा कमाने के लिए उन्होंने ही इस ट्रेडिशन को जन्म दिया है और धड़ल्ले से आगे बढ़ा रहे हैं!

हालाँकि, समाजवादी पार्टी और ‘बसपा’ ने योगी सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए विधानसभा में जमकर हंगामा किया, फिर भी संख्याबल ना होने की वजह से वो प्रस्ताव को पारित होने से रोक नहीं पाये।

अखिलेश ने योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “कोई प्री वेडिंग फोटोशूट करवाए या पोस्ट वेडिंग, इससे आपको क्या लेना-देना? ये सरकार जनता के निजी जीवन पर हस्तक्षेप कर रही है, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे!

कोई कैमरामैन, पेड़ पर चढ़कर दूल्हा-दुल्हन की फोटो खींचकर अपना पेट पाल रहा है तो इसमें आपको क्या परेशानी हो रही है, इन्हीं नीतियों की वजह से देश की इकॉनमी खस्ता हाल हो गयी है!” -अखिलेश ने आगे कहा।

बाद में, इतनी सारी सेंसिबल बातें एक साथ करने के जुर्म में योगी सरकार ने अखिलेश यादव के खिलाफ ही एक प्रस्ताव पारित कर दिया।



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