Thursday, 27th February, 2020

चलते चलते

दूर से ही कचरे की थैली नदी में फेंकने वालों को ओलंपिक की 'डिस्कस थ्रो' और 'शॉट-पुट' स्पर्धा में मिलेगी एंट्री

13, Jan 2020 By नास्त्रेदमस

नयी दिल्ली. हमारे देश में प्रतिभा की कोई नहीं है, कमी है तो बस उस पारखी नजर की जो ऐसे छुपे हुए हीरों को ढूँढकर निकाल सके। इसी थ्योरी को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने कुछ ऐसे लोगों को चिन्हित किया है जो सीधे ओलंपिक में अपना जौहर दिखाने वाले हैं, ये लोग हमें सड़क पर चलते-फिरते अक्सर दिखाई दे जाते हैं, और वो टैलेंटेड खिलाड़ी हैं- ‘दूर से ही कचरे की थैली ठीक निशाने पर फेंकने वाले सज्जन!’

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ओलंपिक में जाएगा ये बंदा!

इसी बारे में हमने ओलिंपिक फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के एक सदस्य श्री प्रतिभावान जी से बात की, उन्होंने बताया कि, “दूसरों के लिए ये आश्चर्य की बात होगी लेकिन इंडिया में ऐसी प्रतिभाएँ हमें गली-कूचों पर चलते हुए आसानी से दिख जाती हैं, ऐसा ही एक नगीना मुझे सुबह की वॉक करते हुए ब्रिज के पास मिला था!

मैंने देखा, कैसे एक प्रतिभावान युवक बाइक चलाते हुए दूर से ही अपने कचरे की थैली नदी में फेंक रहा है, पहले तो मैंने उसे मना करना चाहा पर उसका निशाना देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो गया! बॉडी पर पूरा कन्ट्रोल, ऊपर से बाइक की स्टीयरिंग, वो लड़का सबको ऐसे मैनेज कर रहा था जैसे डॉन फिल्म में प्राण साब ने रस्सी पर चलते हुए अपना बैलेंस मैनेज किया था!”

मेरे दिमाग में यह विचार आया कि क्यों ना इन प्रतिभाओं का सही इस्तेमाल किया जाए! ओलिंपिक में डिस्कस और गोला फ़ेंक स्पर्धा में हमारे देश का रिकॉर्ड कुछ अच्छा नहीं है, मुझे पूरा यकीन है कि इन लोगों को वहाँ भेजने से ‘मैडल’ का सूखा, अगली बार ख़त्म हो जाएगा!” -उन्होंने आगे बताया।

इस घटना के कुछ दिन बाद ही उन्होंने खेल मंत्रालय के सामने यह सुझाव पेश कर दिया, मंत्रालय ने घटना का वीडियो देखने के बाद हरी झंडी दे दी। “अब हम देश के अलग-अलग गली-सड़कों पे, जहाँ कचरे के ढेर लगे रहते हैं और देश की नदियों पे बने पुलों पर खड़े होकर ऐसी प्रतिभाओं की खोज कर रहे हैं!” -उन्होंने अपनी बात पूरी की।

जब हमने उनसे एक पर्सनल सवाल पूछा कि, “आपमें ऐसी क्या प्रतिभा है जो आप इस महत्वपूर्ण फेडरेशन के सदस्य हैं?’ तो उन्होंने जवाब दिया कि, “मेरे पास एक ऐसी प्रतिभा है जिसे हासिल कर लेने के बाद किसी और प्रतिभा की आवश्यकता ही नहीं पड़ती!’

हमने उसे जरा खुलकर बताने के लिए कहा तो उन्होंने “जी मैं मंत्री जी का साला हूँ!” कहा और चलते बने।



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