Sunday, 21st July, 2019

चलते चलते

फटे हुए नोट से अपने लिये 'शर्ट' खरीद रहा था CA, दुकानदार ने अपना 'ITR' फ्री में फाइल करने की दी सजा

09, Jul 2019 By Ritesh Sinha

मुंबई. सुमीत खरे, जिसने अभी-अभी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का कोर्स पूरा किया है, फटे हुए नोट से खरीददारी करते हुए पकड़ा गया है। ये तो अच्छा हुआ कि दुकान के मालिक सेठ मनोहर लाल जी ने सीए साब की चालाकी को पकड़ लिया और उसे दुनिया के सामने एक्सपोज कर दिया। पकड़े जाने के बाद सेठ मनोहर लाल ने उसे दूसरा नोट देने को कहा लेकिन सुमीत ने ये कहकर मना कर दिया कि उसके पास कोई दूसरा नोट नहीं हैं। बाद में सेठ जी ने उसे अपना इस साल का ITR पकड़ा दिया और कहा- “चलो! इसे फाइल करो, फ्री में! तब छोड़ूँगा तूझे!

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ITR फाइल करता सुमीत

हुआ यूँ कि सुमीत कल शाम को अपने लिए शर्ट खरीदने ‘सिटी मॉल’ पहुँचा हुआ था। वहाँ उसने सेठ मनोहर लाल के दुकान से आठ सौ रुपये की एक शर्ट पसंद की और उसे पहनकर भी देख लिया। “जँच रहे हो!” -कहकर सेठ जी ने सुमीत को सातवें आसमान पर चढ़ा दिया।

जब पेमेंट करने की बारी आई तो सुमीत ने कार्ड से पेमेंट करने की बजाय, पाँच सौ का एक और सौ रुपये के तीन नोट सेठ जी को पकड़ा दिये। लड़के पर भरोसा करते हुए सेठ जी ने नोट्स को अच्छी तरह नहीं देखा और पैसा सीधे गल्ले में डाल दिया। उन्हें क्या पता था कि सामने वाला बंदा फटे हुए नोट चलाने आया है।

सुमीत की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। “नहीं देखा बुड्ढे ने!” -वो मन ही मन सोच रहा था। लेन-देन पूरा होने के बाद सेठ जी ने सुमीत से ऐसे ही पूछ लिया, “क्या काम करते हो बेटा?” तो सुमीत ने जवाब दिया कि, “सीए हूँ!”

“वो तो मैं तभी समझ गया था जब तुमने नकदी में पेमेंट किया! ‘सीए’ के सारे गुण हैं, बहुत ऊपर जाएगा तू!” -सेठ जी सुमीत की तारीफ कर ही रहे थे कि उनका माथा ठनका, उन्होंने गल्ले से पैसा फिर से निकाला और नोटों को अच्छे से जॉंचने लगे।

उनका शक सही निकला, पाँच सौ का नोट फटा हुआ था। सेठ जी ने फुर्ती से सुमीत का हाथ पकड़ लिया। “ये क्या है? धोखा देता है, बुलाऊँ पुलिस को! चल दूसरा नोट दे!” -उन्होंने जोर से चिल्लाते हुए कहा ताकि दो-चार लोग और जमा हो सकें। सुमीत अपना मुँह छिपाने लगा।

“मेरे पास दूसरा नोट नहीं है!” -सुमीत ने धीरे से कहा। ‘अच्छा! ..तो मेरा इस साल का ITR  फाइल कर दे, फ्री में! तभी जाने दूँगा! मुझे चूना लगाना चाहता था ना!” -कहते हुए सेठ जी ने अपने सारे दस्तावेज सुमीत को पकड़ा दिये।

अब सुमीत के पास कोई चारा नहीं था, उसने दुकान में रखे डेस्कटॉप से ही अपना काम शुरू कर दिया। यही नहीं, अगल-बगल वाले तीन-चार दुकानदारों ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिया और उनसे अपना ITR फाइल करवा लिया। ITR फाइल करने के बाद ही सुमीत को छोड़ा गया।



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