Wednesday, 19th December, 2018

चलते चलते

नेता ने बिरयानी में इलायची बैन करने का किया वादा, चुनाव आयोग ने नतीजों से पहले ही विजेता घोषित किया

29, Nov 2018 By Guest Patrakar

रीवा. मध्य प्रदेश में कल वोटिंग का दिन था और लोगों ने ज़ोर-शोर से भारी मतदान भी किया, अब नेताओं का भाग्य EVM में कैद हो गया है। लेकिन एक सौभाग्यशाली नेता ऐसे भी हैं जिन्हे नतीजा आने से पहले ही विजेता घोषित कर दिया गया है, उनका नाम है रीवा जिले से निर्दलीय प्रत्याशी सतपाल सिंह जी! दरअसल, चुनाव आयोग को सतपाल जी का घोषणा-पात्र इतना पसंद आया कि उन्हें ग्यारह तारीख से पहले ही विजेता घोषित करना पड़ा।

बिरयानी biryani
नेता जी को भी पसंद नहीं बिरयानी में इलायची

वो कालजयी वादा क्या है? इस बारे में हमें बताया खुद सतपाल जी ने, उन्होंने कहा कि, “मैं और मेरी रीवा की जनता ग़रीबी, भ्रष्टाचार या घटिया सड़क सब सहन कर सकते हैं, लेकिन जब बिरयानी खाते समय मुँह में इलायची आ जाती है तो जरा भी सहन नहीं होता! ख़ून ही खौल जाता है भाईसाब!”

“इसलिए मैंने अपने घोषणा-पत्र में बिरयानी में से इलायची हटाने का मन बना लिया! घोषणा-पत्र में सबसे ऊपर लिख दिया ‘मुझे भारी मतों से विजयी बनाइए, अगर मैं MLA बन गया तो बिरयानी में इलायची डालने वालों को सलाखों के पीछे नहीं पहुँचाया तो मेरा नाम सतपाल नहीं!’

“बस, फिर क्या था, मेरी रैलियों में लाखों की भीड़ आने लगी! विरोधी दल के नेता पानी भरने लगे! मुझे मिल रहे भारी समर्थन को देखते हुए चुनाव आयोग ने भी मुझे विजयी घोषित कर दिया!” -कहते हुए सतपाल जी अपने कार्यकर्ताओं को नारा लगाने के लिए उकसाने लगे।

सतपाल सिंह निर्दलीय प्रत्याशी हैं लेकिन पिछले साल उत्तरप्रदेश के चुनाव में डबुआ क्षेत्र से भाजपा का कैंडिडेट भी कुछ ऐसा ही वादा करके जीत गया था। उन दिनों ढ़िंचक पूजा का प्रकोप अपने चरम पर था,तो उस प्रत्याशी ने वादा कर दिया कि ढ़िंचक पूजा के गानों पर बैन लगाऊँगा! इस वादे के बाद लोगों ने उन्हें चुनाव में छह लाख वोटों से विजयी बना दिया था।



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