Tuesday, 17th September, 2019

चलते चलते

मेरठ: पुराने ग्राहक के पान में 'किमाम' डालना भूल गया पानवाला, इलाके में दंगे जैसे हालात

11, Sep 2019 By Ritesh Sinha

मेरठ. पान खाने के शौक़ीन अपने ‘पान’ के स्वाद को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं, स्वाद में थोड़ी सी भी ऊँच-नीच उन्हें बर्दाश्त नहीं होती। यही वजह है कि एक पानवाले की लापरवाही की वजह से मेरठ में माहौल गरम हो गया है, प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा है और इलाके में धारा-144 लगा दी गई है। लोगों को संभलकर चलने के लिए कहा गया है।

Paan किमाम
पान बनाता पवन

दरअसल यह पूरा मामला भवानी पान भंडार का है। जयचंद मिश्रा जी पिछले दस साल से हर रोज़ इसी ठेले से पान खाया करते थे, पान भंडार का मालिक पवन, अपने काम में उस्ताद है और पान भी बहुत मीठा बनाया करता है। पता नहीं कल उसे क्या हो गया कि वो जयचंद की पान में ‘किमाम’ डालना भूल गया। बस, फिर क्या था, जयचंद भड़क गया और उसने पवन को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया।

उधर, पवन भी जोश में आ गया और उसने भी जयचंद को ‘उधारी’ का हवाला देते हुए चुभने वाले तीन-चार शब्द कह दिये। समय के साथ इस लड़ाई में स्टेकहोल्डर्स की संख्या बढ़ती गई और मामले ने तूल पकड़ लिया।

पूरा इलाका दो गुटों में बँट गया और सबने एक-दूसरे पर जमकर हाथ साफ़ कर दिया। सूचना मिली है कि पूरे तीन घंटे बाद पुलिस आई है। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी  करना पड़ा।

बाद में फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए जयचंद मिश्रा ने बताया कि, “ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है भाईसाब, गुनाह है ये! बिना ‘किमाम’ के पान में कोई मज़ा नहीं है, ऊपर से कच्ची-पक्की सुपारी भी ठीक से नहीं डालता पौनू (पवन का प्रचलित नाम) आदमी कब तक सहन करेगा भाईसाब!

मैं पूछना चाहता हूँ उसका ध्यान किधर था और अगर ग्राहक दो बात कह भी दें तो सुन लेना चाहिए!” -उन्होंने कमीज की बाँह ऊपर चढ़ाते हुए कहा।

उधर, पवन ने अपनी सफाई में कहा है कि, “मैंने ‘किमाम’ दबाकर डाला था, दरअसल जयचंद घर से ठानकर आया था कि आज हंगामा करना है  इसलिए जबरदस्ती मुझसे भिड़ गया! मैं सब समझता हूँ!”



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