Wednesday, 21st November, 2018

चलते चलते

नयी ड्रेस पहनने के बाद भी जब किसी ने नहीं किया नोटिस, तो नाली में कूदकर लड़की ने लोगों का ध्यान किया आकर्षित

11, Jul 2018 By Guest Patrakar

साऊथ दिल्ली. भारत अनिश्चिताओं का देश है, यहाँ रोज़ कुछ ऐसा नया होता रहता है, जो कल की हुई घटना से ज़्यादा चौंका देने वाली होती है। ऐसे ही एक घटना पिछले रविवार को साउथ दिल्ली में हुई जहाँ एक लड़की ने चंद मिनट की अटेंशन पाने के लिए ख़ुद को बहते नाले में ढकेल दिया। दिल्ली के मिरांडा हाउस में पढ़ने वाली चाँदनी अरोड़ा ने यह कारनामा केवल इसलिए किया क्योंकि कोई भी लड़का उसकी नयी ड्रेस पर ध्यान नहीं दे रहा था।

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ये सब करके ही जी भरा चाँदनी का!

चाँदनी की बहुत अच्छी सहेली, जो घटना के वक़्त वहाँ मौजूद थी, ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि “जी यह सच है कि चाँदनी ने यह अटेन्शन पाने के लिए किया था! मैं उसके साथ साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी थी! वो ऑटो से उतरी और आते ही उसने मुझसे कैसी लग रही हूँ? जैसा सवाल कर दिया। मैं तभी समझ गयी कि आज इसने कुछ तो नया खरीदा है।

“बाद में पता चला उसने ‘ज़ारा’ से नयी ड्रेस ली है, उसके  सैंडल्स भी नये हैं, और यहाँ तक कि उसने बालों की स्ट्रेटनिंग भी करवायी हुई है! मैंने तो उसकी तारीफ़ कर दी लेकिन वहाँ पर और भी लोग खड़े थे, उन्होंने नोटिस तक नहीं किया! वो बार-बार उनका चेहरा देखे जा रही थी ताकि कोई तो नयी ड्रेस की तारीफ कर दे! लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ!”

“कुछ देर बाद वो इतना झल्ला गयी कि उसने एक ऑटोवाले से ही पूछ लिया- “भैया! मैं कैसी लग रही हूँ!” मगर वो ऑटोवाला भी जस्टिस काटजू का फैन निकला, उसने कहा- “मैडम! जैसी रोज़ लगती हो आज भी वैसी ही लग रही हो!” बस.. फिर क्या था, उसने पास बह रहे नाले में छलाँग लगा दी। लोग चिल्लाने लगे।

“वहीँ बगल में खड़े एक लड़के ने अपना हाथ दिया और उसे खींचकर बाहर निकाला! तब जाकर उसका ‘अटेंशन’ कोटा पूरा हुआ! मुझे नहीं लगता उसने कुछ ग़लत किया.. अगर मैं उसकी जगह इतना पैसा ख़र्च करके भी इग्नोर होती तो शायद मैं भी यही करती!”

हमने इस बारे में मनोवैज्ञानिक और वरिष्ठ लेखक कामिनी अग्रवाल से भी बात की। उन्होंने चाँदनी के इस फ़ैसले को सही बताते हुए इसे माडर्न युग का एक हिस्सा घोषित किया है। उन्होंने कहा “इसमें कोई नयी बात नहीं है, ऐसी चीज़ें बहुत आम हो चली हैं! इतना सब करने के बावजूद अगर कोई नोटिस नहीं करता तो कुछ लोग डिप्रेशन में जाने से बचने के लिए ‘एक्सट्रीम’ रास्ते अपना लेते हैं! जो कि स्वाभाविक भी है! मैं भी कई बार इग्नोर होने पर ‘महुआ’ के दो पैग लगाकर इन्स्टाग्राम पर फ़ोटो डाल देती हूँ, ताकि बुरी ही सही पर अटेंशन तो मिले!”

उधर, चाँदनी फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, नाले में कूदने की वजह से उसे मामूली चोटें आईं हैं। हालाँकि, उसे इस कारनामे से अच्छी ख़ासी अटेंशन मिल गयी है, फिर भी अगर अस्पताल में तलब उठ गई तो चाँदनी अस्पताल में कुछ भी कर सकती हैं।



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