Thursday, 21st November, 2019

चलते चलते

कपड़ों की दुकानों पर लगे पुतलों से महिलाएँ हो रही हैं हीन भावना का शिकार –सर्वे

28, Jun 2018 By बगुला भगत

मुंबई. आपने भी अक्सर कपड़ों की दुकानों और शोरूमों के बाहर खड़े औरतों के पुतलों को देखा होगा। वे इतने ‘आकर्षक’ और ‘उत्तेजक’ होते हैं कि राह चलते लोग उन्हें टकटकी बाँधकर देखने लगते हैं, ख़ास तौर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र! लेकिन महिलाओं पर इन पुतलों का उल्टा ही असर हो रहा है!

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इन्हीं की वजह से बढ़ रही है हीन भावना

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज (TISS) के हालिया सर्वे में पता चला है कि शोरूम्स के बाहर खड़े इन पुतलों की वजह से महिलाओं में हीन भावना बढ़ रही है क्योंकि इन पुतलों की फ़िगर इतनी परफ़ेक्ट होती है कि असल ज़िंदगी में वैसी फ़िगर वाली महिला मिलना बेहद मुश्किल है।

TISS के डायरेक्टर प्रो. भार्गव भोगले का कहना है कि “हमने भारत के 420 शहरों में ये सर्वे किया और इस बारे में महिलाओं की राय जानी। सभी शहरों की महिलाओं की राय लगभग एक जैसी थी कि पुतलों से उनमें हीन भावना आ रही है।”

दिल्ली के करोल बाग़ में रहने वाली भावना अरोड़ा ने फ़ेकिंग न्यूज़ के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “जब भी मैं किसी शोरूम पे शॉपिंग करने जाती हूँ ना, तो बड़ा इन्फ़ीरियर इन्फ़ीरियर सा फ़ील होता है। उन स्टेच्यूज की ब्रेस्ट, उनकी वेस्ट, उनका फ़ेस…मतलब सब कुछ इतना अट्रैक्टिव होता है कि मैं आपको बता नहीं सकती। बाई गॉड!” -कहकर उन्होंने एक लंबी सिसकारी भरी।

“उन्हें देखकर मैं हर बार यही सोचती हूँ कि काश, मेरी फ़िगर भी ऐसी होती! इस वजह से मैं 5 बार जिम ज्वॉइन कर चुकी हूँ…लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ।” -भावना ने एक ठंडी आह भरते हुए कहा।

इस बीच, इलाहाबाद से ख़बर आ रही है कि राष्ट्रीय संस्कृति मंच (रासमं) के कार्यकर्ता एक शोरूम के बाहर खड़े पुतलों के चेहरों पर स्याही पोत गये और उन्हें कपड़े पहना गये। उनका कहना था कि “ऐसे अश्लील पुतलों से हमारी कल्चर ख़राब हो रही है और हम ये बिल्कुल भी सहन नहीं करेंगे!”



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