Sunday, 26th January, 2020

चलते चलते

बुक-फेयर में जाकर भी युवक ने नहीं किया फोटो अपलोड, Bibliophile समुदाय ने जारी किया 'कारण बताओ नोटिस'

14, Jan 2020 By किल बिल पांडे

नई दिल्ली. दुनिया में लोगों को बहुत से शौक होते हैं,  इन्हीं में से एक लोकप्रिय शौक है किताबें पढ़ने का! किताबी कीड़े कहलायी जाने वाली यह प्रजाति हर जगह देखी जा सकती है।

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लाल घेरे में रजत

लेकिन अगर यही शौक,  किसी के लिए मुसीबत बन जाये तो यकीन करना मुश्किल होगा। कुछ ऐसा ही हुआ मालवीय नगर के युवक रजत के साथ। रजत एक नंबर का किताबी कीड़ा है, किताबों के लिए उसकी दीवानगी इस हद तक है कि अपनी पगार और ओवरटाइम से अर्जित जमा-पूंजी भी वो किताबों में फूँक देता है।

हर साल की तरह इस साल भी बेसब्री से बुक फेयर का इंतज़ार कर रहे रजत ने प्रगति मैदान जाकर किताबों के महाकुंभ में जम कर खरीददारी की। आलम यह रहा कि पूरे हफ्ते चले इस महोत्सव में रजत ने पूरे चार चक्कर लगा लिए।

हालाँकि bibliophile समुदाय को इसकी भनक लग गयी और उन्होंने रजत को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिया। उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने पुस्तक मेले का एक भी फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट में शेयर नहीं किया था।

समुदाय के चेयरमैन 20 वर्षीय विवेक ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि, “मामला बहुत गंभीर है, हमारे समुदाय के लोग काफी समय से उस पर नज़र बनाये हुए थे, हमारे जासूसों ने उसे कई बार मेले में टहलते हुए देखा था! बहुत से लेखकों के ऑटोग्राफ भी उसने हथिया लिए! फिर भी उसके सोशल मीडिया एकाउंट पर पुस्तक मेले की एक भी फोटो नहीं है!”

“हमें लगा कि मेला खत्म होने पर फोटो एडिट करने में शायद टाइम लग रहा होगा, लेकिन पूरे दो दिन हो गए। न तो कोई चेक-इन, न कोई हैशटैग, न कोई फ़ोटो ! यह तो समुदाय की परंपरा, प्रतिष्ठा, मान और मर्यादा के खिलाफ है! इधर तो लोग नोटिस बोर्ड पढ़ने पर भी बायो में bibliophile चिपका डालते हैं और ये लड़का पुस्तक मेले से आकर भी कुंवारा बैठा है! -विवेक ने नथूने फुलाते हुए कहा.

वहीं, पूरे मामले पर रजत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह ‘कारण बताओ नोटिस’ की त्रुटियों को सही करने में बुरी तरह व्यस्त है। जिस वजह से उन्हें किताबें तक पढ़ने का समय नहीं मिल पाया। सोशल मीडिया पर जाना तो दूर की बात है।



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