Tuesday, 31st March, 2020

चलते चलते

छः महीने बाद भी खराब नहीं हुई जैकेट की चैन, युवक ने दुकानदार पर लगाया असली माल बेचने का आरोप

09, Jan 2020 By Ritesh Sinha

गाजियाबाद. अक्सर आपने देखा होगा कि आपके जैकेट की चैन,  तीन से चार महीने तक ही चलती है, उसके बाद अचानक ‘Zip’ फँस जाती है और आप खींच-खींचकर उसे ठीक करने का असफल प्रयास करते रहते हैं, जब चैन फँसती है तो ‘गाली’ देते हुए ‘Zip’ को जोर से खींचने के अलावा आपके पास कोई चारा नहीं बचता, इसी चक्कर में चैन की और वॉट लग जाती है।

zip-jacket
Zip चढ़ाता मोहित

इस शुरूआती ज्ञान के बाद खबर ये है कि गाजियाबाद में छः महीने के बाद भी ‘चैन’ या चैन की ‘Zip’ खराब ना होने का अनोखा मामला सामने आया है। मोहित कुमार ने पिछले साल जून के महीने में आठ सौ रुपये की एक जैकेट खरीदी थी, मोहित को पूरा यकीन था कि नया साल आते-आते इसकी ‘चैन’ वीरगति को प्राप्त हो जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ।

आज भी उसके जैकेट की चैन टकाटक है और साँय-साँय ऊपर-नीचे आ-जा रही है। जैकेट के इस रवैये से मोहित की भावनाएँ आहत हो गयी हैं क्योंकि उसने जनवरी में नया जैकेट खरीदने का पूरा प्लान बना लिया था। यही वजह है कि कल शाम को उसने उस दुकान पर हमला कर दिया जहाँ से उसने यह नमूना खरीदा था।

मोहित ने जैकेट दुकान की काउंटर पर फेंक दिया और दीवार फिल्म के अमिताभ बच्चन की तरह कहा- “संभालो अपना घटिया जैकेट, ये ‘जैकेट’ कहलाने के लायक नहीं है, आज तक ‘Zip’ खराब नहीं हुई, असली माल बेचते हुए शर्म नहीं आती तुम लोगों को! उठाओ और दफा हो जाओ मेरी नजरों के सामने से!”

मोहित के तेवर देखकर दुकानदार अनिल जैन जी सकपका गये, उन्होंने माहौल को ठंडा करते हुए कहा- “जिप खराब नहीं हुई तो ये तो अच्छी बात है ना सर? आपको तो खुश होना चाहिए कि आपका जैकेट सही-सलामत है! हम अपने स्टोर में अच्छी क्वालिटी के जैकेट ही बेचते हैं सर!”

दुकानदार के मीठे बोल सुनकर मोहित का गुस्सा और बढ़ गया, उसने चिड़चिड़ाते हुए कहा- ‘ये भाषण मुझे मत दो!’ और पैर पटकते हुए दुकान से बाहर आ गया। हालाँकि पाँच मिनट बाद वो फिर से दुकान के अंदर गया और उसी जैकेट को उठाकर वापस ले आया। विशेषज्ञों ने इस घटना को ‘घर-वापसी’ का दर्जा दे दिया है।



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