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विश्व में फिर से बजा भारत का डंका, UNESCO ने भारतीय पियक्कड़ों को बताया विश्व के सर्वश्रेष्ठ पियक्कड़

12, May 2020 By किल बिल पांडे

पेरिस.  कोविड वायरस के चलते देश में चल रहा लॉकडाउन, द्रविड़ की पारी की तरह ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बेहद गंभीर हालातों के चलते सब ठप्प हो गया है, जिसकी सबसे बड़ी मार देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

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सबसे अच्छे पियक्कड़

पहले से ही गर्त में जाती हुई अर्थव्यवस्था को इस मनहूस वायरस और लॉकडाउन ने लगभग आईसीयू में पहुंचा ही दिया था कि तभी  देश के पियक्कड़ों ने कुछ ऐसा मोर्चा संभाला कि सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में नयी जान आ गई।

देश के इन पियक्कड़ों का डंका देश में ही नहीं, पूरे विश्व में बज रहा है और अब इन पियक्कड़ों की प्रतिभा को ऐसी अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिलने वाली है, कि पूरे देश का सिर फक्र से ऊँचा हो जाएगा।

खबर है कि विश्व की ऐतिहासिक धरोहरों को प्रमाणित करने वाली संस्था ‘यूनेस्को (UNESCO)’ ने भारतीय पियक्कड़ों के योगदान को सराहते हुए, उन्हें अपनी ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में शामिलकर लिया है।

UNESCO के इस फैसले के बाद पेरिस के एक म्यूजियम में, देशी ठर्रा पीते हुए एक शराबी की मूर्ती स्थापित भी कर दी गई है।

बीते शुक्रवार अपने पेरिस स्थित मुख्यालय से ‘यूनेस्को’ ने इस बात की औपचारिक घोषणा की। इस घोषणा के बाद, वर्क फ्रॉम होम कर रहे यूनेस्को के प्रवक्ता ठाकुर पीटर चौहान ने बताया कि “अब क्या  बताएँ भाईसाब! हम लोग भी घर पर रहकर बोर हो गए हैं, माना ऑफिस नहीं जा रहे लेकिन हम पर भी टारगेट पूरा करने का प्रेशर रहता है।”

“ऐतिहासिक धरोहरों की सूची में शामिल करने के नाम पर हम वैसे भी आउटिंग के नाम पर टूर बनाते ही रहते थे, लेकिन इस मुए वायरस कि वजह से वह भी बंद हो गया!  दिन भर सोशल मीडिया पर वीडियोस देख कर ही  काम चलाना पड़ रहा है, ऐसे ही एक दिन हमने ऐतिहासिक धरोहरों की तलाश में अपना डाटा लगभग उड़ा ही दिया था कि तभी हमारी नज़र भारत के पियक्कड़ों पर पड़ी!”

“देशभक्ति का ऐसा जज़्बा देखकर, हमारी पूरी टीम जज़्बाती ही हो गयी, हमने देखा कि इन जुझारू पियक्कड़ों के जज़्बे को न तो पुलिस के डंडे तोड़ पाये, न ही घनघोर ओलावृष्टि! यह देखकर हमारे मन में इन शूरवीरों के लिए सम्मान और भी बढ़ गया, ऐसे में इन सबका नाम विश्व की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल करना तो बनता ही है!” -कहते हुए जज़्बाती पीटर ऑफलाइन हो गये।



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