Friday, 19th October, 2018

चलते चलते

IIT दिल्ली के छात्र ने बनाई ठुकते ही गाली बकने वाली गाड़ी

03, Feb 2018 By नास्त्रेदमस

नयी दिल्ली. अभी तक हमने बहुत सी अजीबो-गरीब तरह की गाड़ियों का अविष्कार होते देखा है, जैसे पानी से चलने वाली गाड़ी या गोबर से चलने वाली गाड़ी , मगर इस बार आईआईटी दिल्ली के एक छात्र गालेश्वर कुमार ने एक ऐसी गाड़ी बना दी है, जो हम भारतियों के सच में बहुत काम आ सकती है।

गाली देता दिल्ली का युवक
गाली देता दिल्ली का युवक

गालेश्वर ने बनाई है एक ऐसी गाड़ी जो बकेगी गालियाँ! जी हाँ! आप बिलकुल सही पढ़ रहे हैं, गाली बकने वाली गाड़ी। मगर यह गाड़ी गाली ऐसे ही फोकट में नहीं देगी, यह गाली तभी देगी जब इसकी किसी दूसरी गाड़ी से भिड़ंत होगी। अपने यहाँ यह रिवाज़ पुराना है कि गाड़ियों के टकराने पे सबसे पहले हम एक दूसरे को गालियां बकते हैं। बस इसी को ध्यान में रखते हुए गालेश्वर ने भिड़ने-भिड़ाने के साथ यह काम भी गाड़ी को सौंप दिया है।

गालेश्वर कुमार ने हमारे संवाददाता से हुई विशेष बातचीत में बताया कि “यह गाड़ी बनाने का ख्याल मुझे तब आया जब मैंने देखा कि गाड़ी के टकराने से लेकर, गाड़ी से उतरकर देखना कि गाड़ी कितनी ज़ोर से ठुकी है, इस पूरे कार्य में काफी समय निकल जाता है और फिर भी गाड़ी का ड्राइवर कन्फ्यूजन में रहता है कि कौन सी गाली देनी है। ऐसे ही लोगों की मदद के लिए मैंने ये गाड़ी बनाई है, जो ठुकते ही जिस फोर्स से गाड़ी ठुकी है उसी फोर्स से गाली बकना शुरू कर देगी।”

आगे उन्होंने इसमें इस्तेमाल की गई टेक्नोलॉजी के बारे में बताते हुए कहा कि “इसमें NEWTON के third law का पूरी तरह से इस्तेमाल किया गया है।” उन्होंने बताया कि “every action have equal and opposite reaction” के अनुसार जितनी जोर से गाड़ी ठुकती है उतने ही ज़ोर से गाड़ी में लगे स्पीकर गाली बकना शुरू कर देंगे। मैंने इसमें ‘साले कुत्ते कमीने से’ ले के, ‘माँ-बहन’ एक कर देने वाली गन्दी से गन्दी गालियाँ फीड की हैं। अगर धीरे से ठुकी तो गाड़ी साले कुत्ते कमीने जैसी हल्की-फुल्की गालियों से अगले का स्वागत करेगी और अगर भिड़ंत ज़ोर की हुई तो गाड़ी के नुकसान के अनुसार ही अगले की माँ बहन एक कर देगी।



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