Monday, 17th December, 2018

चलते चलते

"मुझे पीने के बाद लोग क्या करते हैं, इसमें मेरी कोई ग़लती नहीं है!", दारू ने कहा

12, Oct 2018 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. दारू ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी सफाई देते हुए कहा है कि “मुझे पीने के बाद जो लोग बहक जाते हैं, लड़कियाँ छेड़ते हैं या उनसे जबरदस्ती करने लगते हैं, ऐसे लोगों के साथ मेरी कोई सहानुभूति नहीं है! साले, मुझे गले तक पी लेते हैं और कण्ट्रोल नहीं कर पाते! जब पकड़े जाते हैं तो सारा इल्जाम मेरे कंधों पर डाल देते हैं, कहते हैं कि मुझे याद नहीं है! ये सब नहीं चलेगा! इन सबको जेल में डाला जाए!”

पीने के बाद drunk
तेरी गलती है!

“इनके अपराध से मेरा कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि ये लोग सादा रहकर भी महिलाओँ का शोषण कर सकते हैं! वैसे भी गले तक शराब पीने के लिए मैं नहीं उकसाता, वे खुद ऐसा करते हैं!”

“मैं कोर्ट को बता देना चाहती हूँ कि चार पैग मारने के बाद अगर कोई लड़कियाँ छेड़ता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उस बेवड़े की है, ना कि मेरी! सो सूचना जानें!”

दारू की ओर से वकील मनोहर बाटलीवाला जी ने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के जज को सौंप दिया। जज साब भी ‘दारू’ द्वारा दिए गए तर्कों से सहमत नज़र आए। “छेड़छाड़ के कीटाणु पहले से अपराधी के दिमाग में होते हैं, ऐसे लोग तो बिना नशे के भी ये कारनाम कर सकते हैं! इसलिए दारू का नाम लेकर आप बच नहीं सकते! फिर भी.. कुछ गलती दारू की भी है!” -जज साब ने दारू का बयान पढ़ने के बाद कहा।

दरअसल, दारू को अपनी इज़्ज़त बहुत प्यारी है और इस #MeToo कैंपेन में यह देखने को मिला है कि ज्यादातर मामलों में दारू पीकर ही घटना को अंजाम दिया गया था! इसीलिए दारू अपनी सफाई कोर्ट देने पहुँच गए।

गौरतलब है कि आजकल देश में #MeToo का दौर चल रहा है, जिसमे महिलाएँ अपने साथ हुई छेड़छाड़ या शोषण के खिलाफ खुलकर बातें कर रही हैं। मिनिस्टर सहित सिनेमा जगत और मीडिया के बहुत सारे नामचीन लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं।



ऐसी अन्य ख़बरें