Tuesday, 20th August, 2019

चलते चलते

मध्य प्रदेश में हो गई ज़रूरत से ज़्यादा बारिश, अब मेंढकों का करवाया जाएगा तलाक़

02, Jul 2018 By Guest Patrakar

भोपाल. पिछले दिनों मध्य प्रदेश की एक मंत्री ने बारिश के लिए मेंढकों की शादी कराई थी। इस शादी के बाद मध्य प्रदेश में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। नौबत ये आ गयी है कि इलाक़े में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये हैं। इसलिए अब प्रशासन ने अब उन मेंढकों का तलाक़ कराने का फ़ैसला किया है।

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अब मेंढकों का तलाक़ कराती मंत्री जी

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री ललिता यादव ने जिन मेंढकों की शादी धूम-धाम से कराई थी, अब उन्हीं मेंढकों को अलग कराने की तैयारी की जा रही है। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए मंत्री जी के PA जॉन अब्राहम ने कहा कि “जी हाँ, ये ख़बर शत-प्रतिशत सच है, हम अब उस प्रेमी जोड़े को अलग कराने की बात सोच रहे हैं”

“असल में, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ख़ुद मुख्यमंत्री जी ने हमें किसी भी तरह बारिश कराने का आदेश दिया था। उनका आदेश पाकर हमने काली चींटियों को आटा डाला, आलू को ज़मीन में गाड़ कर उसकी पूजा की, गधे को कुएँ के आस-पास घुमाया और इस तरह से हमने हर तरह के टोटके आज़माये, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ।” -पीए साब ने आगे बताया।

“तभी हमें एक पहुँचे हुए बाबा ने मेंढक की शादी वाले टोटके के बारे में बताया और तब जा कर बारिश आयी। मगर ज़्यादा बारिश होने से लोग परेशान हो गये हैं, इसलिए हमने उनका तलाक़ कराने का फ़ैसला लिया है।”

हालाँकि सरकार के लिए यह तलाक़ इतना आसान नहीं होगा। दरअसल काँग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि “भाजपा के गुंडे प्यार करने वाले मेंढकों को अलग करना चाहते हैं। ये लोग ना इंसानी प्रेमी जोड़ों को छोड़ते हैं ना मेंढक के! यह मेंढकों के हक़ के ख़िलाफ़ है और इसके लिए हम हर तरह की क़ानूनी कार्रवाई करेंगे। ज़्यादा बारिश हो रही है तो ड्रेनेज सिस्टम सुधारिए, मेंढकों को क्यूँ अलग कर रहे हैं।”

बताया जा रहा कि बीजेपी के हर फ़ैसले के ख़िलाफ़ मुकदमा लड़ने वाले वक़ील कपिल सिब्बल ने इसके ख़िलाफ़ PIL भी डाल दी है। जिसकी सुनवाई अगले महीने की 14 तारीख़ को रखी गयी है। अगर PIL ख़ारिज होती है तो मेंढकों के तलाक़ की सुनवाई उसके दो दिन बाद यानी कि 16 तारीख़ को होगी। इस सब पंचतंत्र के बीच मेंढक और मेंढकी अभी महू के चिड़ियाघर में आरामपरस्त ज़िंदगी बिता रहे हैं।

चिड़ियाघर वालों की मानें तो मेंढकी अभी पेट से है। ऐसे में मेंढक का उससे जुदा हो जाना उसके और उसके होने वाले बच्चों के लिए नुक़सान दायक हो सकता है। ऐसे में यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि जज साहब PIL को मंज़ूरी देते हैं या फिर मेंढक और मेंढकी एक बार फिर अजनबी बनकर रह जाएँगे।



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