Thursday, 21st November, 2019

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गुटखा-पान मसाला खाने वालों को 'विकलाँग' कोटे में रिज़र्वेशन देगी सरकार, मुँह बंद होने से हुए 'मूक' घोषित

03, Sep 2019 By बगुला भगत

नयी दिल्ली. देश के सभी गुटखा-पान मसाला खाने वाले बंदों के लिए बहुत बड़ी ख़ुश ख़बरी है। केंद्र सरकार ने मुँह में कुछ ना कुछ रखने वाले सभी लोगों को मूक श्रेणी के ‘विकलाँग’ कोटे में डालने का फ़ैसला किया है।

Gutkha-Pan-Masala
रिज़र्वेशन मिलने पर ख़ुशी जताता एक बंदा

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा, “गुटखा और पान मसाला खाने वाले लोग बेचारे बोलने से भी लाचार रहते हैं और “उम्म…उम्म” करके इशारों से ही काम चलाते हैं इसलिए हमने मोदीजी ने ऐसे सभी लोगों को विकलाँग कोटे में 27% रिज़र्वेशन देने का फ़ैसला किया है।”

“देश की आधी से भी ज़्यादा आबादी को इसका लाभ मिलेगा क्योंकि इंडिया में हर दूसरे बंदे के मुँह में कुछ ना कुछ भरा रहता है और वे बोल नहीं पाते हैं। महाभारत के समय में शकुनि मामा और दुर्योधन भी ख़ैनी खाते थे और उन्हें भी रिज़र्वेशन मिला था।” – निशंक ने एक नया रहस्योद्घाटन करते हुए कहा।

यह ख़बर फैलते ही समस्त गुटखा-पान मसाला समुदाय जगह-जगह पीक मारकर ख़ुशी जता रहा है। मशहूर पीक-मारक अजय देवगन के घर बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है, जिन्हें क़ाबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

इस फ़ैसले के बाद अब 2024 में भी मोदीजी का तीसरी बार पीएम बनना तय माना जा रहा है क्योंकि देश में गुटखा-ख़ैनी-पान मसाला चबाने वाले समुदाय की संख्या 50 करोड़ से भी ज़्यादा है और ये लोग रिज़र्वेशन मिलने के बाद मोदीजी को ही वोट देने वाले हैं।



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