Tuesday, 26th March, 2019

चलते चलते

बिना फटी, साफ़-सुथरी बनियान पहनकर परचून की दुकान चलाने वाला शख़्स गिरफ़्तार

09, Jan 2019 By Ritesh Sinha

रायपुर. परचून की दूकान वालों को तो आपने देखा ही होगा, कैसे वे अक्सर फटी हुई बनियान पहनकर आलू-प्याज तौलते रहते हैं। लेकिन एक शख्स ऐसा भी है जो अपनी किराने की दूकान में साफ़-सुथरी, बिना फटी बनियान पहनकर गल्ले पर बैठता है। जी हाँ, उनका नाम है संपत जैन, जो सरोजिनी नगर वार्ड में छोटी सी परचून की दूकान चलाते हैं।

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गल्ले पर बैठा संपत

उन पर आरोप है कि वो एक साफ़-सुथरी बनियान पहनकर गल्ले पर बैठते हैं, उनकी बनियान कटी-फटी भी नहीं है, जैसा अक्सर ग्रोसरी वालों की होती है।

दूकान में बेसन खरीदने आए एक ग्राहक को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने पुलिस में शिकायत कर दी।

शिकायत मिलने पर पुलिस ने तीन सिपाहियों की एक टुकड़ी बनाकर घटना-स्थल पर रवाना कर दी। शुरूआती जाँच में पाया गया कि सच में सेठ जी के बनियान में एक भी छेद नहीं है। परचून वालों की सभ्यता, संस्कृति और पहनावे का अपमान करने के जुर्म में उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के समय संपत जी सुबह-सुबह चार किलो आलू तौल रहे थे लेकिन इससे पहले कि वो बोहनी कर पाते पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

मामले की छानबीन कर रहे ASI बलवंत रॉय ने बताया कि, “देखिए! मैंने अपनी जिंदगी में साफ़-सुथरी, बिना छेद वाली बनियान पहनकर दूकान चलाने वाला यह पहला व्यापारी देखा है! सेठ जी की दूकान में हमें रस्सी से बंधा हुआ दो रुपये वाला पेन भी नहीं मिला है! ये क्या हो रहा है? ऐसी लापरवाही हम बर्दाश्त नहीं कर सकते!”

“पान ठेला, रेहड़ी, परचून वाले भी अगर चमचमती बनियान पहनना शुरू कर देंगे तो फिर अंतर ही क्या रह जाएगा सुपर मॉल और परचून की दुकानों में! इसीलिए हमने इन्हें गिरफ्तार कर लिया!” -बलवंत जी ने आगे बताया।

उधर, जिला व्यापारी संघ ने भी संपत की एक सुर में निंदा की है। उनका कहना है कि, “छेद वाली बनियान और रस्सी से बंधा हुआ पेन, हमारी पहचान हैं, संपू ने इन दोनों नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए उसे सजा तो मिलनी ही चाहिए!”



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