चलते चलते

युवक के पहुँचने से पहले ही मारपीट हो गयी थी समाप्त, एक्शन देखने को नहीं मिला तो फूट-फूटकर रोया

08, Mar 2020 By Ritesh Sinha

पटना. कल सुबह की बात है, शहर का होनहार युवक मनीष कुमार, दो किलो आलू खरीदने किराने की दुकान की ओर पैदल ही निकला था। रास्ते में उसने देखा कि कुछ दूरी पर, बीस-तीस लोग गोल घेरा बनाकर खड़े हैं और जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं।

Fighting Bros1
थोड़ा भी नहीं देख पाया मनीष

यह दृश्य देखकर उसने सोचा कि चलकर देखना चाहिए कि वहाँ क्या हो रहा है? भीड़ इतने मजे क्यों ले रही है? माहौल देखकर उसे थोड़ा शक भी हो गया था कि  वहाँ जरूर मारपीट हो रही होगी, तभी इतनी आवाज आ रही है! एक्शन का मजा लेने के उत्साह में उसने अपनी गति बढ़ा दी। अब वो आलू वगैरह सब भूल गया था!

मनीष जैसे ही लोकेशन पर पहुँचा, अचानक भीड़ छंटने लगी और सभी अपने-अपने रास्ते वापस जाने लगे। दरअसल, वो थोड़ा लेट हो गया था, उसके पहुँचने से पहले ही मारपीट का समापन हो चुका था।

फिर भी मनीष ने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को रोकते हुए पूछा- “क्या हो रहा था यहाँ पर, बड़ी आवाज आ रही थी?” तो उसने जवाब दिया कि, “तू लेट हो गया बेटा, गुप्ता और श्रीवास्तव के लड़के भिड़ गये थे, जमकर मारपीट हुई! मजा आ गया देखके, दस मिनट तक चला!”

इतना सुनते ही मनीष को बहुत कष्ट हुआ। “काश! मैं थोड़ा पहले यहाँ आ जाता, कम से कम आधा एक्शन तो देखने को मिलता!” -ऐसा सोचते हुए वो फूट-फूटकर रोने लगा।

दरअसल, मनीष की किस्मत बचपन से ही खराब थी, जब वो दसवीं कक्षा में पढता था तो नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था जबकि उसके सारे दोस्त साफ़ बच निकले थे। इसके बाद बैंक क्लर्क की परीक्षा में भी वो एक नंबर से चूक गया था। आज एक बार फिर, उसकी किस्मत ने उसे धोखा दे दिया और इतना सुंदर मारपीट देखने का मौका ही नहीं मिला।

मनीष पूरे दस मिनट तक अपनी किस्मत पर रोता रहा, आखिर में कमीज की बाँह से अपने आँसू पोछे और आलू लेने निकल पड़ा।



ऐसी अन्य ख़बरें