Monday, 16th September, 2019

चलते चलते

इंजीनियर ने किया रक्तदान तो नशे से बेहोश हो गया पीड़ित व्यक्ति

29, Apr 2019 By Guest Patrakar

भोपाल. शास्त्रों में कहा गया है कि इंजीनियर जब-जब कुछ करने की कोशिश करेगा तब-तब उसकी ‘लगने’ से कोई नहीं रोक सकेगा। ऐसा ही भोपाल में भी हुआ, जहाँ एक इंजीनियर लड़के ने दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति को रक्तदान किया तो पीड़ित नशे की वजह से फिर से बेहोश हो गया।

patient
अस्पताल में पड़ा निखिल

सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश ने हमें इस घटना की पूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया “मेरे 46 साल के लंबे करियर में ऐसा माजरा पहली बार देखने को मिला है, गुरुवार को एक इंजीनियर एक चोटिल आदमी जिसका नाम ‘निखिल’ था, अस्पताल लेकर आया!

निखिल को हलकी-फुल्की चोट लगी थी! लेकिन थोड़ा ख़ून बह जाने की वजह से उसे ख़ून चढाने की सख्त जरूरत थी!”

“संयोग देखिए कि मरीज का ब्लड ग्रुप उस इंजीनियर के ब्लड ग्रुप से मिलता-जुलता था! मैंने इंजीनियर से पूछा- “क्या तुम रक्तदान करोगे?” तो वो झट से राजी हो गया और बोला, “मेरे पास तो कुछ काम नहीं है, घर जाकर मैं क्या करूँगा? चलो खून ही खींच लो, थोड़ा टाइम पास भी हो जाएगा!”

“उसके ‘हाँ’ करने के बाद जैसे ही हमने उनका खून मरीज को चढ़या वो बेहोश हो गया! खून देने वाला नहीं, मरीज बेहोश हो गया! बाद में पता चला कि वो इंजीनियर एक नंबर का दारूबाज़ और गंजेडी है इसलिए ऐसा हुआ!”

“ये सब देखकर मेरे मुँह से अचानक निकल पड़ा- “ई तो साला होना ही था!” -डॉक्टर साब ने अपनी बात पूरी की।

खैर, ऐसा क़िस्सा देश में पहली बार नहीं हो रहा है। कर्नाटक के एक कॉलेज में जब ग़लती से एक इंजीनियर का हाथ कट गया था तो उसमें से दारू निकलने लगी, जिसके बाद कॉलेज के लड़के ग्लास, पानी और चखना लेकर उसके आस-पास बैठ गए थे। हालाँकि बड़ी मुश्किल से उस युवक की जान बच सकी।

निखिल फिलहाल ख़तरे से बाहर है और जल्द ही अस्पताल से छुट्टी भी ले लेगा।



ऐसी अन्य ख़बरें