Tuesday, 25th September, 2018

चलते चलते

कॉलेजों में भी लागू होगा स्वच्छ भारत अभियान, इंजीनियरों ने दी कानून हाथ में लेने की धमकी

06, Sep 2018 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. वैसे तो स्वच्छ भारत अभियान पूरे देश में शुरू हुआ था लेकिन इंजीनियरिंग छात्रों की पुरानी आदतों को देखते हुए ऐसे कॉलेजों को इस अभियान में छूट दे दी गई थी। वे जैसा चाहें रह सकते थे, उन पर स्वच्छ भारत अभियान को अपनाने के लिए कोई दबाव नहीं डाला गया था। लेकिन अब सरकार ने कहा है कि ‘अब बहुत हो गया!’ इंजीनियरिंग कॉलेज और उनके स्टूडेंट्स को भी साफ़-सफाई से रहना ही पड़ेगा! यानि कि उनको मिलने वाली छूट बंद कर दी गई है।

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साफ़-सफाई का नाम सुनकर मायूस बैठे इंजीनियर

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि “आज से भावी इंजीनियरों को हर रोज़ नहाना पड़ेगा, कपड़े धोने पड़ेंगे और हॉस्टल रूम की सफाई भी करनी पड़ेगी। कोई बहाना नहीं चलेगा! इनकी आदतें बदले बिना हमारा देश स्वच्छ हो नहीं सकता!”

“साथ ही कॉलेज प्रशासन को भी ‘मेस’ का खाना, शुद्ध और स्वादिष्ट बनाना पड़ेगा ताकि कोई बीमार ना पड़े! लोहे जैसी चपाती और पानी वाली दाल अब नहीं चलेगी! अगर ये सब नहीं किया तो कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी!” -मंत्री जी ने धमकी देते हुए कहा।

उधर, सरकार के इस आदेश की सराहना करने के बजाय इंजीयरिंग छात्रों ने कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ऐसे तुगलकी फरमान देकर उनकी आजादी पर हमला किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। हमने इस बारे में मैकेनिकल इंजीयरिंग के एक छात्र चुन्नू देवगन से बात की।

सारे गंदे कपडे एक बैग में ठूँसते हुए उसने बताया कि “जो भी हो रहा है गलत हो रहा है! अगर सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया तो हम कानून को अपने हाथों पर लेने में मज़बूर हो जाएँगे! चक्का जाम करेंगे या रेल की पटरी उखाड़ देंगे लेकिन हम इनके आगे नहीं झुकेंगे! कोई हर रोज़ कैसे नहा सकता है?”

“देखिए हमें इस माहौल की आदत पड़ गई है, वैसे भी सबको पता है कि हम लोग क्लीन रहने के लिए नहीं बने हैं! पता नहीं क्यों हमारी संस्कृति पर चोट क्यों की जा रही है!” -कहते हुए चुन्नू ने सारे गंदे कपड़े धोने के लिए घर भिजवा दिए।



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