Tuesday, 31st March, 2020

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बड़ी लापरवाही! उत्तर प्रदेश के गजरौला में मिड-डे मील में परोस दिया पौष्टिक खाना, सरकार ने दिए जाँच के आदेश

04, Dec 2019 By किल बिल पांडे

गजरौला. उत्तर प्रदेश के स्कूलों में परोसे जाने वाले मिड-डे मील से जुड़ा विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक ताजा मामला गजरौला से सामने आया है जहाँ एक सरकारी स्कूल में बच्चों को गलती से पौष्टिक आहार परोस दिया गया।

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चाव से खाना खाते बच्चे!

घटना बीते मंगलवार की है, लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही इस इलाके में पहली बार हुई है। रसोइये ने मध्यान्ह भोजन में कुछ ऐसा खाना बना दिया जिसमें सारे पौष्टिक तत्व मौजूद थे। जब तक इसकी जानकारी प्रशाशन को लग पाती, बच्चों को खाना परोसा जा चुका था।

स्कूल की कक्षा आठ के एक छात्र गप्पू ने फ़ेकिंग न्यूज  को बताया कि, “आज सुबह हमने स्कूल के गोडाउन में जब साफ-सुथरा राशन देखा तभी हमें पता चल गया था कि कुछ गड़बड़ होने वाली है! प्योर सोयाबीन, साफ चावल-दाल, तेल के साथ-साथ बगल में दूध का एक कनस्तर भी पड़ा हुआ था!

दोपहर के समय जब भोजन प्लेट में आया तो उसकी महक से स्कूल का कोना-कोना दहक गया! क्या खुशबू थी.. मैंने तो माट्साब से पूछ लिया- “आज सूरज पश्चिम से तो नहीं उगा है ना सार?”

खाना खाया तो और दिनों के मुकाबले ज्यादा स्वादिष्ट भी था! कक्षा के सबसे पतले लड़के ने भी दो बार प्लेट फुल करवाया था!” -कहते हुए गप्पू खेलने भाग गया।

हमारे रिपोर्टर से बात करते हुए स्थानीय शिक्षा अधिकारी, प्रभात मिश्रा ने इस घटना को लापरवाही का उदहारण बताते हुए कहा कि,”मिड-डे मील में पौष्टिक आहार परोसना हमारी प्रतिष्ठा, परंपरा, मान व मर्यादा के खिलाफ है, दूध अगर बच्चों को परोस देंगे तो नदी में क्या बहायेंगे?

हमने तुरंत खाना बनाने वाले रसोइये को प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और नये रसोइये की नियुक्ति कर दी है! इस नये रसोइये को मिलावटी और फीका खाना देने का पुराना अनुभव है!” -मिश्रा जी ने पान मसाले का पैकेट गटकते हुए कहा।



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