Friday, 10th April, 2020

चलते चलते

गौमूत्र और गोबर की बढ़ी डिमांड के बीच, अपने अधिकारों की रक्षा के लिए गायों ने किया देशव्यापी हड़ताल का ऐलान

25, Mar 2020 By किल बिल पांडे

हरिद्वार.  कोरोना के कहर से पूरा विश्व जूझ रहा है, चीन के वुहान शहर से उपजा यह मनहूस वायरस अलग-अलग देशों में अपने पाँव पसार चुका है। ऐसे में प्रमाणित वैज्ञानिक उपचार के साथ-साथ देसी इलाजों की भी बाज़ार में बाढ़ आ गयी है।

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हमें भी आराम चाहिए!

भले ही यह इलाज अलग-अलग लोगों द्वारा सुझाये जा रहे हों, पर पाया गया है कि इन देसी इलाजों का कोई न कोई रास्ता गौशाला से हो कर ज़रूर गुज़र रहा है। कोई ‘गौमूत्र पार्टी’ दे रहा है, तो कोई शरीर पर गोबर मलने की सलाह।

ऐसे में खबर है कि, सदियों से यह सब पूरे सेवाभाव से प्रदान करने वाली गऊ माताओं ने अपने अधिकारों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। यह ऐलान, हरिद्वार में गायों द्वारा आयोजित ‘अखिल भारतीय गैया सम्मलेन’ में किया गया।

देशभर की गायों की आभा से सुसज्जित इस सम्मलेन में, मनुष्यों द्वारा उनके साथ किये जा रहे बुरे बर्ताव का मुद्दा छाया रहा। यह हड़ताल उसी का नतीजा मानी जा रही है।

गायों द्वारा बनाई गयी ‘सर्वगैया सर्वहित समीति’(रजिस्टर्ड) की अध्यक्षा ‘कामधेनू सींगवाला’ ने फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि, “ इस मानव जाति की डिमांड तो दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, पहले तो यह हमारे दूध के लिए, बिना हमारी मर्ज़ी के ज़बरदस्ती इंजेक्शन लगवाता है, हमारे बछड़े हमसे दूर कर देता है और जब काम निकल जाता है, तो हमें सड़कों पर प्लास्टिक खाने के लिए छोड़ देता है!“

“ऊपर से जब उससे भी इनका मन नहीं भरा, तो अब हमारे गोबर और गौमूत्र के पीछे पड़ा है। जब से इन्हें इसकी ज़रूरत महसूस हुई है, तब से हमे ज़बरदस्ती पकड़-पकड़कर, बिना सुविधाओं वाली तथाकथित गौशालाओं में भरने लगा है। हमारे नेटवर्क की कुछ गायों ने तो यहाँ तक बताया कि कुछ दुष्ट मनुष्य, ज्यादा गौमूत्र के लिए उन्हें ज़बरदस्ती पानी भी पिला रहे हैं!” गैया ने हिलाते हुए कहा।

“पर इन्हें कौन समझाए कि हम गाय हैं, ऊँट नहीं! हर चीज़ का एक प्रोसेस होता है, किसी और की ज़रूरत के हिसाब से हम ‘बल्क’ में गोबर तो नहीं कर सकतीं। तुम्हारे लिए कोहिनूर होगा, पर हमारे लिए तो गोबर ही रहेगा न! इन्ही नाइन्साफियों के मद्देनज़र हमने तब तक हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है, जब तक हमसे अपेक्षित व्यवहार नहीं किया जाता, हम पीछे नहीं हटेंगे!” – गैया ने रिपोर्टर को दुलत्ती मारते हुए कहा।

सूत्रों के अनुसार, गैया सुमदाय के इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार तत्काल प्रभाव से ‘गौमूत्र पार्टी’ जैसे आयोजनों पर रोक लगा सकती है।



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