Monday, 17th December, 2018

चलते चलते

मार्क ज़ुकरबर्ग ने भेजी रविशंकर प्रसाद को फ़ेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट

22, Mar 2018 By Ritesh Sinha

नयी दिल्ली. केन्द्रीय कानून मंत्री और आधार कार्ड के ब्रांड एम्बेसेडर रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में मार्क जुकरबर्ग को जमकर फटकार लगाईं है। ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ मुद्दे पर उन्होंने मार्क को धमकी देते हुए कहा कि “सात समंदर पार कैलीफोर्निया में बैठे ‘मार्क’ बाबू कान खोलकर सुन लो! अगर एक भी शिकायत आई तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा!”

Ravi Shankar Prasad- FB Friend Request2
ज़ुकरबर्ग की फ़्रेंड रिक्वेस्ट दिखाते रवि शंकर प्रसाद

इसी तरह आधे घंटे तक फुफकारने के बाद मंत्री जी ने प्रेस कांफ्रेंस समाप्त की। जैसे ही वो ज़ुकरबर्ग को गरिया कर कांफ्रेंस हॉल से बाहर निकले, उनके मोबाइल पर एक ‘नोटिफिकेशन’ आया। उन्होंने जैसे ही मोबाइल अनलॉक कर चेक किया तो देखा कि फ़ेसबुक पर मार्क जुकरबर्ग ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है।

यह देखते ही प्रसाद जी के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान छा गई। उन्होंने चारों तरफ़ देखा और जब पक्का यक़ीन हो गया कि कोई उन्हें देख नहीं रहा है तो उन्होंने जुकरबर्ग की फ्रेंड रिक्वेस्ट झट से ‘एक्सेप्ट’ कर ली।

इसके बाद जो हुआ, वो तो इतिहास ही बन गया। दोनों नये-नवेले दोस्त बैठकर चटपटी चैटिंग करने लगे। “क्यों मार्क बाबू! कैसी लगी मेरी धमकी? एक बार फिर से कहे देता हूँ, इंडिया में बिज़नेस करना है तो चुपचाप करो! अगर कर्नाटक की ओर आँख भी उठाकर देखा तो मोदी जी के नेतृत्व में हम तुम्हारी आँखें नोच लेंगे!”

इतना लंबा मैसेज देखकर मार्क को चक्कर आ गया। उन्होंने तुरंत प्रसाद जी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए लिखा- “आप तो बेवजह आग-बबूला हो रहे हैं! आओ कभी हवेली कैलीफोर्निया, आराम से बैठकर बातें करते हैं!”

जुकरबर्ग का ऑफर पढ़कर मंत्री एकदम ठंडे पड़ गये। “अब आया ना ऊँट पहाड़ के नीचे!” -उन्होंने मन ही मन सोचा और नया मैसेज टाइप करने लगे- “पक्का! मौक़ा मिलते ही आता हूँ किसी दिन!” प्रसाद जी ने आखिरी मैसेज लिखा और ‘Sign out’ कर गए।



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