Friday, 10th April, 2020

चलते चलते

जिन फॅमिली व्हाट्सएप्प ग्रुप में नहीं आया कोरोना का इलाज, उनकी मान्यता होगी रद्द: स्वस्थ्य मंत्रालय

19, Mar 2020 By किल बिल पांडे

नयी दिल्ली. कोरोना वायरस के कहर से पूरा विश्व जूझ रहा है, ‘रिपब्लिक’ और ‘ज़ी’ की मानें तो वायरस के प्रकोप से लड़ने में मोदी जी भी जी-जान से जुटे हुए हैं।

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घरेलू नुस्खों की बाढ़!

कोरोना के खिलाफ़ इस जंग के लिए भारत की पूरे विश्व में तारीफ हो रही है, अपनी इसी ‘रैपिड एक्शन’ रणनीति के तहत, अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए, उन ‘फैमिली व्हाट्स एप्प ग्रुप्स’ की मान्यता रद्द करने का फैसला किया है, जहाँ कोरोना से लड़ने के घरेलू इलाज नहीं पहुंचे हैं।

मंगलवार को अधिसूचना जारी कर स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सूचना दी। पूरे मामले पर जानकारी देते हुए, मंत्रालय के प्रवक्ता चिमनलाल चार्ली ने फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया कि- “कोरोना को लेकर सरकार कोई भी चांस नहीं लेना चाहती! विज्ञान अपनी जगह है पर घरेलू नुस्खे भी किसी से कम नहीं हैं!

इलाज के साथ ‘साइंस’ जुड़ी हुई है तो घरेलू नुस्खों के साथ हमारे ‘इमोशन’ ऐसे में हमें पता चला है कि कुछ मतलबी लोग, कोरोना की ‘सात पुश्तों ‘को जड़ से समाप्त करने वाला ज्ञान, बस अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप में दबाकर बैठे हैं!”

“ऐसे में हमने इस ज्ञान से वंचित सभी फॅमिली व्हाट्स एप्प ग्रुप्स की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया है, जब सुबह-सुबह एक दूसरे को गुलाब जामुन और फूल पत्तियों वाली ‘सुप्रभात’ नहीं भेज पाएंगे, तब पता चलेगा कि इसका दर्द क्या होता है?

जो सदस्य परिवार के ही काम न आये, उन्हें परिवार कहलाने का कोई हक़ नहीं!” -गुस्साए चिमनलाल ने अपना मास्क एडजस्ट करते हुए कहा।

सूत्रों की मानें, तो अधिसूचना जारी होते ही देशभर में व्हाट्सएप्प पर दिनभर ज्ञान पेलते ‘फूफा’ व ‘मामा’ समुदाय के विरोध के स्वर तेज़ हो गए हैं। जिसे देखते हुए सरकार मान्यता समाप्त करने की तारीख आगे बढ़ाने पर विचार कर सकती है ताकि इस अवधि में ज्यादा से ज्यादा ‘WHO प्रमाणित  नुस्खे’ पहुंचाए जा सकें।



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