Sunday, 18th November, 2018

चलते चलते

कैम्ब्रिज एनालिटिका का ख़ुलासा- "2 करोड़ लड़के, लड़की बने हुए हैं फ़ेसबुक पे"

08, Apr 2018 By Guest Patrakar

कैलिफ़ोर्निया. लोगों का डाटा चुराने वाली मशहूर ब्रिटिश कम्पनी कैम्ब्रिज एनलिटिका ने यह ख़ुलासा किया है कि फ़ेसबुक पर दो करोड़ से भी अधिक लड़कियों की प्रोफ़ाइल के पीछे लड़के छुपे हुए हैं और उनमें भी 80% प्रोफ़ाइल भारत की ही हैं।

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फ़ेसबुक पर लड़की बने हुए कुछ लड़के

दरअसल, कैम्ब्रिज वालों ने भारत की पॉलिटिकल पार्टियों की मदद के लिए फ़ेसबुक से डाटा ख़रीदा था। उस डाटा की छानबीन के बाद ही उन्होंने यह ख़ुलासा किया है। हमने कैम्ब्रिज एनलिटिका के CEO रॉबर्ट शर्मा से बात की और इसके बारे में अधिक जानकारी ली।

रॉबर्ट ने बताया कि “हमें भारतीयों का डाटा पढ़ने के बाद चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जिसके बाद हम कन्फ़्यूज़ हो गए, जिसकी वजह से हम अभी तक काँग्रेस के लिए रणनीति नहीं बना पाये हैं क्योंकि जहाँ एक तरफ़ हमें ‘कमेंट में पाँच लिखें और जादू देखें’ जैसी पोस्टों पर लाखों बेवक़ूफ़ भारतीय लगे पड़े दिखे। वहीं दूसरी तरफ़ लाखों ऐसे टैलंटेड भारतीय भी दिखे जो लड़कियों की प्रोफ़ाइल बनाकर लाखों लड़कों का काट चुके है। और भारतीय फ़ेसबुक पर हमें लड़कों की एंजल प्रिया और नेहा वाली इतनी प्रोफ़ाइल मिली हैं कि यह फ़ेसबुक कम और स्वर्ग ज़्यादा लगने लगता है। कुछ लड़के तो इतने बेवक़ूफ़ हैं कि वो सलीना गोमज की फ़ोटो वाली लड़के की प्रोफ़ाइल देख कर ‘यू आर सो ब्यूटीफ़ुल’ जैसे कमेंट करते हैं। हमें इसके साथ-साथ कुछ अधेड़ उम्र के भारतीय मर्द भी दिखे, जो जस्टिन बीबर की फ़ोटो लगाकर लड़कियों को फँसाने की कोशिश करते हैं। अब ऐसे में हम क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा!”

और इतने पर भी कैम्ब्रिज की परेशानी नहीं ख़त्म हुई! कैम्ब्रिज के MD डेविड चौरसिया ने बताया कि उनका सबसे बड़ा चैलेंज भारी मात्रा में कैंडी क्रश रिक्वेस्ट को इग्नोर करना था। उन्होंने कहा, “एक तो हम वैसे ही परेशान थे, ऊपर से रोज़ कम से कम पचास लोग हर मिनट कैंडी क्रश की रिक्वेस्ट भेज रहे थे। और यह सब भी हम सह लेते मगर फिर हमने मीना बॉयज की प्रोफ़ाइल देखी और हमसे और नहीं सहा गया! उनकी गंदी एडिटिंग और एटिट्यूड वाले कैप्शन देख कर हमारे पाँच कर्मचारियों ने फाँसी लगा ली। इसलिए हम सोच रहे हैं कि भारत में रणनीति बनाना छोड़ ही दें। वरना हम शायद राहुल गाँधी की छवि तो सुधार लें मगर हमारा ख़ुद का दिमाग़ बिगड़ जाएगा”

कैम्ब्रिज एनलिटिका फ़ेसबुक के बाद अब भारतीय ट्विटर पर घात जमाएगा। जहाँ शायद उन्हें फ़ेसबुक के मुक़ाबले शायद कम ऐसे अजूबे देखने को मिलें। हालाँकि कैम्ब्रिज वालों को यह समझना चाहिए यह भारतवर्ष है, इसे तो ऋषि मुनि तक नहीं समझ पाए तो वे कौन से खेत की मूली हैं? और जब आपका क्लाइंट राहुल गाँधी जैसा हो तो ये लगभग असम्भव है।



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