Saturday, 22nd September, 2018

चलते चलते

दूसरों की टाइमलाइन खोदने वाले दस ट्विटर यूज़र्स को BMC देगी खुदाई का काम

24, Apr 2018 By Guest Patrakar

मुंबई. बारिश के मौसम में दो लोग बहुत सक्रिय हो जाते है, एक सड़क किनारे भुट्टे बेचने वाले और दूसरे सड़क पर गड्ढे खोदने वाली BMC के एम्पलॉई! लेकिन इस बार BMC ने इस बार अपने कर्मचारियों के बजाय उन ट्विटर यूज़र्स को खुदाई के लिए नियुक्त करने का फ़ैसला किया है, जो दिन रात लोगों की टाइमलाइन खोद कर पुराने ट्वीट्स ढूँढते रहते हैं।

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बीएमसी के लिए खुदाई करते ट्विटर यूजर

हमने इस बारे में BMC के एक कर्मचारी महेश शिंगे से बात की और पूरी बात जानी। महेश ने बताया, “हम इस बार आधुनिक और तेज़ तरीक़े से खुदाई का काम करना चाहते थे। हर साल हम बारिश होने के बाद ही खुदाई चालू करते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं करेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि हम यह सारा काम मानसून से पहले कर दें, जिसके लिए हमने दस ट्विटर ट्रोल्स को नियुक्त करने का फ़ैसला लिया है। सुना है वे चौबीस घंटे टाइमलाइन खोदकर लोगों के पुराने ट्वीट्स निकाल सकते हैं। हमें भी कोई ऐसा ही चाहिए था, जो चौबीस घंटे खुदाई कर सके। इसलिए हमने उन्हें काम पर रख लिया है।”

हमने इस बारे में एक प्रसिद्ध ट्विटर ट्रोल (नाम गोपनीय) से बात की और उसकी राय जानी। उसने कहा, “मैं पिछले दो सालों से लोगों की टाइमलाइन खोदकर पुराने ट्वीट निकाल रहा हूँ। मैं ऐसा RT और फ़ॉलोअर्स के लिए करता हूँ लेकिन मेरा यही टैलेंट देख कर मुझे BMC के दफ़्तर से परसों फ़ोन आया और उन्होंने मुझे यह नौकरी दे दी। मैं जॉबलेस था इसलिये टाइमलाइन खोदता था। लेकिन ये सब मेरी जॉब का हिस्सा बन जाएगा, ऐसा मैंने कभी सोचा भी नहीं था। मोदी जी कहते हैं कि डिजिटल इंडिया का साथ देने से विकास होगा, शायद मेरा विकास भी अब हो ही जाएगा।”

बीएमसी की देखा-देखी अब LIC और SBI वाले भी उन ट्विटर यूज़र्स को नियुक्त करने की सोच रहे हैं, जो जान का हवाला देकर अपने ट्वीट पर रिट्वीट माँगते हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोग हमारी पॉलिसीज की बिक्री में इज़ाफ़ा कर सकते हैं।

वैसे, बीएमसी का यह क़दम उन लोगों के मुँह पर तमाचा है, जो कहते हैं कि रोज़गार केवल एक ही तरीक़े का हो सकता है। अगर हुनर और क़ाबिलियत हो तो आज के आधुनिक युग में हर चीज़ रोज़गार हो सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या BMC इन ट्विटर यूज़र्स की बदौलत इस बार टाइम पर गड्ढे खोद कर भर पाती है या मुंबई के लोगों को मानसून में इस बार भी सड़कों पर नाव चलानी पड़ेगी।



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