Wednesday, 21st November, 2018

चलते चलते

"आज से मुझे मेरे प्राचीन नाम 'अजय सिंह बिष्ट' से ही जाना जाएगा" -योगी आदित्यनाथ

24, Oct 2018 By gotiya

लखनऊ. मुग़ल सराय और इलाहाबाद का नाम बदलने के बाद उत्तर प्रदेश के विकास के लिए अगला महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अब से उन्हें उनके मूल प्राचीन नाम ‘अजय सिंह बिष्ट’ द्वारा ही जाना जाएगा। यह ख़बर सुनकर उत्तराखंड के गढ़वालियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है।

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मीडिया को अपने प्राचीन नाम की जानकारी देते योगीजी

जोश में भरे हुए गढ़वालियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से लखनऊ में मिलने की योजना बना रहा है ताकि उन्हें अपनी मूल भाषा गढ़वाली में ही बात करने को कहा जाए। इससे यूपी प्रशासन और मीडिया में चिंता है क्योंकि अब सभी को मुख्यमंत्री से संवाद करने के लिए गढ़वाली सीखनी पड़ेगी।

फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए योगीजी ने बताया कि “चूँकि मैं हर जगह का नाम बदलकर या तो उसका प्राचीन नाम रख रहा हूँ या उसे दीन दयाल उपाध्याय जी के नाम से रख रहा हूँ, तो कल को कोई मुझ पर उँगली ना उठाए इसलिए मैं भी अपना नाम फिर से अजय बिष्ट रख रहा हूँ और आज से गढ़वाली में ही बात करूँगा। यह मेरा आख़िरी हिंदी इंटरव्यू होगा।”

फिर वो चलते-चलते बोले, “मैं तो कहता हूँ कि मोदीजी को ‘चैंपियन ऑफ़ अर्थ’ अवार्ड मिलने का बाद अब हमें पृथ्वी का नाम भी बदलकर ‘दीन दयाल उपाध्याय गोला’ रख दिया जाये!”

हालांकि, देश के वैज्ञानिकों ने इस ‘नामगीरी’ पर चिंता जाहिर की है। एक वैज्ञानिक ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि “एक तरह से तो यह अच्छा है लेकिन प्राचीन नाम और मूल स्थान की ओर जाने की अगर शुरुआत की गई तो आखिर में तो इंसान अफ्रीका पहुँच जाएगा क्योंकि इंसान पहली बार वहीं विकसित हुआ था। तो क्या बिष्ट जी और बाकी भारतीय क्या अफ्रीका लौट जाएंगे? और क्या रामलला का मंदिर अफ्रीका में बनाया जाएगा?”



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