Saturday, 18th August, 2018

चलते चलते

कारों की रिव्यू करने वाला युवक खुद घटिया कार खरीदकर लाया, मम्मी-पापा हुए आग-बबूला

08, May 2018 By Ritesh Sinha

जयपुर. शुभम पाठक को बचपन से ही कारों का बेहद शौक़ था, यही वजह है कि आगे चलकर कारों की रिव्यू करने को ही उसने अपना कैरियर बना लिया। उसने यूट्यूब पर ‘कार-बाहुबली’ नाम से एक चैनल बनाया और हर हफ्ते नयी-नयी कार का रिव्यू करने लगा। कुछ ही दिनों में उनके चैनल के पचास हज़ार सब्सक्राईबार भी हो गए और वह ख़ुशी से पागल हो गया।

कार car
यह वो ‘खटारा’ नहीं है जो शुभम खरीदकर लाया है!

जब शुभम के पास थोड़े पैसे जमा हो गए तो उसने सोचा कि क्यों ना अपने लिए भी एक नयी कार खरीद ली जाए! अपने ‘नॉलेज’ की नैया पर सवार होकर वह शो-रूम पहुँच गया। पाँच घंटे तक डीलर का माथा खाने के बाद आख़िरकार उसे एक कार पसंद आ गई और वह उसी को उठाकर घर ले आया।

बस, यहीं पर शुभम से बड़ी भूल हो गई। जो कार वह खरीदकर लाया था, वह मार्केट में सबसे ज्यादा बदनाम कार थी। लेकिन वो किसी की सुनता कहाँ है, उसे तो अपने कार-ज्ञान का अहंकार हो गया था। जैसे ही शुभम के पैरेंट्स ने वह कार देखी, वे तो आग-बबूला हो गए। मि. पाठक ने अपने बेटे को तरेरते हुए कहा- “दिन भर यूट्यूब पर ‘हमारे चैनल को सब्सक्राईब करिए’ कहता रहता है, और तूझे इतनी भी अकल नहीं है कि कौन सी कार अच्छी है और कौन सी खटारा! हटा इस टिन के डब्बे को यहाँ से, वर्ना पेट्रोल डालके माचिस मार दूँगा!” -पाठक साब ने गुर्राते हुए कहा।

“कार्स के बारे में मैं तुझसे कम जानता हूँ, लेकिन मुझे इतना तो पता ही है कि इससे भी बढ़िया कार सस्ते में मिल जाती है! माइलेज भी घटिया है और लुक भी कुछ ख़ास नहीं है! लेकिन तू हमारी सुनता ही कहाँ है? तेरे यूट्यूब चैनल के सब्सक्राईबर्स को ये पता चलेगा तो क्या हालत होगी उनकी! जो दूसरों को सलाह देता है, उसे ही शो-रूम वालों ने लूट लिया!” -कहते हुए पाठक जी भावुक हो उठे।

शुभम से गलती तो हो ही गई थी इसलिए वह चुपचाप सब-कुछ सुनता रहा। अब उसने प्लान बनाया है कि वो इस कार को सेकंड-हैंड के भाव पर किसी को बेच देगा और एक साल बाद कोई अच्छी सी कार खरीदेगा!



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