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शास्त्रीजी ने घर पे ही बना ली 'सामग्री', 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद मिली क़ामयाबी

07, Apr 2020 By बगुला भगत

मुंबई. कहते हैं कि आवश्यकता अविष्कार की जननी है। टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने भी यह साबित कर दिया, जब उन्होंने लॉकडाउन में कहीं से भी ‘सामग्री’ का जुगाड़ ना होने पर उसे अपने घर में ही बना लिया!

Ravi-Shastr-Drinking
अपने अविष्कार के साथ शास्त्रीजी

शास्त्रीजी के इस अविष्कार का पता तब चला, जब दस दिन बाद पड़ोसियों को अचानक उनके घर से जगजीत सिंह की ग़जलों की आवाज़ आई। उससे थोड़ी देर पहले उनके घर से धुआँ उठता भी दिखा था और कुछ स्मैल सी भी आई थी।

उनके पड़ोसी भज्जी ने बताया कि “मैं तो धुआँ देखते ही समझ गया था कि शास्त्री पाजी ने ‘माल’ बना लिया है! मैं देखने पहुँचा तो उन्होंने मुझे भी चखाकर दिखाई। चखने के बाद मैंने उनसे कहा पाजी स्वाद तो कुछ ख़ास नहीं है लेकिन नशा ठीक-ठाक कर रही है तो वो मुझसे बोले, ‘लाइफ़ में और क्या चाहिए भज्जी, नशा ही तो चाहिए और वो भी लाइक ए ट्रेसर बुलेट और राइट ऑन द मनी!”

अब लॉकडाउन हटते ही शास्त्रीजी अपने इस फॉर्मूले का पेटेन्ट कराने पहली फ़ुर्सत में अमेरिका रवाना हो जाएँगे। अगर उन्हें यह पेटेन्ट मिल गया तो वो कोचिंग-वोचिंग छोड़कर फ़ुल टाइम इसी धंधे में उतर सकते हैं क्योंकि इसकी कमाई, कोचिंग से होने वाली कमाई से कई गुना ज़्यादा होगी।



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