Saturday, 18th August, 2018

चलते चलते

मॉनसून सत्र में पहला बिल पास, अब हर घर में दो चार्जिंग पॉइंट मेहमानों के लिए आरक्षित

26, Jul 2018 By Fake Bank Officer

नयी दिल्ली. ‘सबका साथ सबका विकास’ की दिशा में भारत सरकार ने एक बड़ा क़दम उठाया है। लोकसभा के मॉनसून सत्र में पहली बार सभी दलों की सहमति से सरकार ने ‘मेहमान विशेषाधिकार (संशोधन) अधिनियम 2018’ पास कर दिया है। बिल में सदियों से मेज़बानों के शोषण के शिकार मेहमानों को मुख्यधारा में लाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है हर घर मे दो चार्जिंग पॉइंट मेहमानों के लिए आरक्षित करना!

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मेहमानों के लिए आरक्षित चार्जिंग प्वॉइन्ट

मेहमानों से सहानुभूति रखने वाले दलों जैसे सपा, बसपा और आरजेडी आदि ने जहाँ सरकार के इस फ़ैसले का स्वागत किया है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस कानून को संविधान में वर्णित समानता के मूल अधिकार के ख़िलाफ़ और देश को पीछे धकेलने वाला बताया है।

फ़ेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, “यह कानून मेजबानों के अत्याचारों से पीड़ित पिछड़े मेहमानों को उनका जायज़ हक़ प्रदान करता है। हमारा संविधान कुछ विशेष वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है और इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।”

जबकि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “आरक्षण समस्या का हल नहीं है। केवल कुछ ख़ास मेहमान ही इसका फायदा उठा पाएंगे। फिर इस कानून में अनेक विसंगतियाँ हैं। मसलन यदि मेहमान नहीं आते हैं तो चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल मेजबान को करने की अनुमति होनी चाहिए लेकिन क़ानून कहता है कि आरक्षित पॉइंट पर सिर्फ मेहमान ही मोबाइल चार्ज करेगा, भले ही चार्जिंग पॉइंट खाली पड़ा हो! सरकार को पहले इन ख़ामियों को दूर करना चाहिए।”

उधर, सामाजिक मामलों के विशेषज्ञ नवजोत सिंह सिद्धू ने हँसते-हँसते फ़ेकिंग न्यूज़ को बताया, “देखो गुरु! मेरा मानना है कि सरकार समय-समय पे इस आरक्षण की समीक्षा करे और देखे कि कितने मेहमानों को इसका लाभ मिला। ऐसा ना हो कि एक ही मेहमान हर बार अपना मोबाइल चार्ज करता रहे। इसी बात पे ठोको चार्जर…मेरा मतलब…ठोको ताली!”



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