Monday, 16th September, 2019

चलते चलते

"जो हमें कल मिले थे वे येति नहीं, 'विकास' के पैरों के निशान हैं!" - सेना का नया दावा

02, May 2019 By बगुला भगत

मकालू बेस कैंप, हिमालय. भारतीय सेना जिन्हें ‘येति’ यानि हिम-मानव के पैरों के निशान बता रही थी, वो असल में ‘विकास’ के पैरों के निशान हैं! यह नया दावा भी सेना ने ही किया है। सेना का कहना है कि उन पदचिन्हों को पहचानने में हमसे ग़लती हो गयी थी, दरअसल वे उसी ‘विकास’ के पैरों के निशान हैं, जो कई सालों से ग़ायब है।

Yeti-or-Vikas
हिमालय के पहाड़ों में घूम रहा विकास

सेना के प्रवक्ता तेजपाल बहादुर ने बताया कि “येति की तरह विकास को भी आज तक किसी ने नहीं देखा। कोई नहीं जानता कि वो दिखता कैसा है, उसके पैर कितने हैं- एक, दो या चार! हालांकि, जो निशान हमें मिले हैं, उन्हें देखकर लग रहा है कि ‘विकास’ एक पैर पर चलने वाला प्राणी है।”

ग़ौरतलब है कि भारत में सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकास’ को ढूँढकर लाने का दावा किया था, जो सच साबित नहीं हुआ। लेकिन अब चुनावों के दौरान उसके पैरों के निशान मिलने से वो अचानक नये जोश से भर गये हैं।

मोदीजी आज रात राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, जिसमें वो देश को ‘विकास’ के पैरों के निशान मिलने पर बधाई देंगे और अपना पहला वोट उसके पैरों को समर्पित करने की अपील करेंगे और प्रॉमिस करेंगे कि अगर मैं दोबारा पीएम बन गया तो विकास को पूरा ढूँढ निकालूँगा!



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