Saturday, 18th August, 2018

चलते चलते

'बाल नरेंद्र' पढ़कर भगवान विष्णु हुए इम्प्रेस, कहा- "यही बालक है मेरा दसवाँ अवतार!"

06, Aug 2018 By Fake Bank Officer

वैकुंठधाम. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बाल-लीलाओं की चर्चा अब देवलोक में भी हो रही है। मोदीजी के बचपन के किस्सों पर लिखी कॉमिक बुक ‘बाल नरेंद्र’ पढ़कर स्वयं भगवान विष्णु भी मोदीजी के प्रशंसक हो गए हैं। उन्होंने अपने निवास स्थान पर आयोजित एक अनौपचारिक बैठक के दौरान इसका खुलासा किया।

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बाल नरेंद्र पढ़ते भगवान विष्णु

नरक में अपने पापों का फल भोग रहे हमारे संवाददाता ने जानकारी दी है कि भगवान विष्णु के निवास स्थान पर उनके सभी पुराने अवतारों के साथ एक ‘गेट टू गेदर’ का आयोजन किया गया था। दुआ-सलाम के बाद भगवान विष्णु ने बाल नरेंद्र पुस्तक लहराते हुए कहा, “मेरी बरसों की तलाश पूरी हुई। आज मुझे मेरा दसवाँ अवतार मिल गया है। जी हां! ये बालक नरेंद्र दामोदर मोदी ही है मेरा अंतिम अवतार! आप लोग भी जब इनके कारनामे पढ़ेंगे तो दंग रह जाएंगे।”

“आखिर ऐसा क्या किया है इस नरेंद्र मोदी ने?” -भगवान कृष्ण ने उत्सुकतावश पूछा।

“क्या किया है!!! अरे पढ़ के देखो। बच्चों को डूबने से बचाया, मगरमच्छ से भिड़ गया, ग़रीबों को अमीर बनाया, फौजियों की मदद की, भारत को विश्व-गुरु बनाया। एक कारनामा हो तो बताऊँ! और सबसे बड़ी बात! जितने ‘भक्त’ हम सबके मिलाकर भी नहीं थे, उससे ज़्यादा अकेले नरेंद्र के हैं।” -उन्होंने अपने चारों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में जोड़ते हुए कहा।

“आप तो बचपन से ही गोपियों को लाइन मारते थे। संयम से कैसे रहना चाहिए, सीखिए मोदी जी से!” -विष्णुजी थोड़ा नाराज़ होते हुए बोले।

फिर विष्णु जी, भगवान राम से बोले, “और आपने तो अफ़वाहों के चलते अपनी पत्नी को छोड़ दिया था। आप भी ज़रा पढ़िए मोदी जी के बारे में।” “लेकिन पत्नी को तो इन्होंने भी…” -श्रीराम ने सफ़ाई देने की कोशिश की।

“बस! मैं कुछ सुनना नही चाहता। आज से सब जगह अपना रिकॉर्ड अपडेट कर दीजिए। वो कल्कि को हटाकर सब ग्रंथों में मोदीजी का नाम लिखवा दीजिये।” इसके बाद वो पीछे मुड़े और मोदीजी की मूर्ति को प्रणाम किया। बाकी भगवानों ने भी डरते-डरते उनका अनुसरण किया।

इसके बाद विष्णुजी ने नारदजी को बुलाया और बोले- ” नारदजी, आप आज ही देवलोक की लाइब्रेरी के लिए बाल नरेंद्र की एक हज़ार प्रतियों का ऑर्डर दे दीजिये। एक कॉपी आप भी रखियेगा और भगवान मोदी की लीलाओं का आनंद लीजिएगा।” यह सुनकर नारदजी ‘मोदी मोदी’ गाते हुए चले गए।



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