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लॉकडाउन से परेशान हुई HR एम्पलॉई, बोली- "घर में कैन्टीन भी नहीं है, अब 2 घंटे कहाँ जाकर बैठूँ!"

02, Apr 2020 By बगुला भगत

मुंबई. देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से लोगों को बड़ी-बड़ी परेशानियाँ हो रही हैं। सबसे ज़्यादा परेशान हैं कंपनियों के एचआर एम्पलाईज, जिन्हें घर में आराम से बैठने की जगह भी नहीं मिल रही। आईटी कंपनी की एक एचआर एम्पलॉई ने तो इस बारे में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भी लिख दी है!

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कैन्टीन को मिस करती पारुल

चिट्ठी में अपनी व्यथा बताते हुए पारुल नाम की इस एम्पलॉई ने लिखा है, “मोदीजी, हम दस दिन से घर में बंद हैं, जहाँ एक कैन्टीन तक नहीं है! अब दो घंटे घड़ी के लिए हम कहाँ जाकर बैठें? हम करें तो क्या करें, जाएँ तो कहाँ जाएँ!”

असल में, पारुल को ऑफ़िस कैन्टीन की भयंकर याद तब आयी, जब उसकी माँ चाय पीने को लेकर उस पर बुरी तरह भड़क गयीं। पारुल के हाथ से कप छीनते हुए वो ग़ुस्से में बोलीं, “ये घर है तुम्हारा ऑफ़िस नहीं, जहाँ एक कप चाय को 2 घंटे तक पीती रहो!”

डाँट सुनते ही पारुल सुबकते हुए बोली, “ऐसे तो मुझे आज तक कभी मेरे बॉस ने भी नहीं डाँटा!” और अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर लिया और तभी रोते-रोते यह चिट्ठी लिखी।

लेकिन इस तरह का यह अकेला मामला नहीं है, देश भर से ऐसी ख़बरें आ रही हैं। दिल्ली में ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रही निधि नाम की एक HR एम्पलॉई की माँ को तो उसके जॉब पर ही शक़ हो गया! उसकी माँ ने उसका गीता पर हाथ रखवाते हुए पूछा, “सच-सच बता! ऑफ़िस जा रही हूँ, रोज़ ऐसा बोलकर कहाँ जाती थी?”

दरअसल, ‘वर्क फ्रॉम होम’ में निधि जितना ‘वर्क’ कर रही है, उसे देखकर उसकी मम्मी को यह शक हुआ है। अब निधि उन्हें हर तरह से यक़ीन दिलाने की कोशिश कर रही है कि वो सच में जॉब करती है।



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