Saturday, 20th October, 2018

चलते चलते

Aquarium फिश खरीदने गया युवक फिश के रेट सुनकर चौंका, उसी पैसों से मच्छी-चावल खाकर लौटा

13, Sep 2018 By Ritesh Sinha

भोपाल. Aquarium का शौक रखने वाले संजय सिंह को उस समय बहुत गुस्सा आया जब वो Aquarium फिश खरीदने मार्केट गया हुआ था। वहाँ जब दुकानदार ने उसे बताया कि ‘गोल्डन-पर्ल-एरोवाना’ का एक पीस, पाँच हज़ार रुपये का पड़ेगा तो उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। उसे कुछ समझ नहीं आया कि क्या कहा जाए। ‘ये तो बजट से बाहर का है!’ -ऐसा सोचकर वो आगे बढ़ गया।

यही खरीदने गया था संजय
यही खरीदने गया था संजय

तभी उसकी नज़र RTG पर पड़ गई, ‘ये साला अच्छा दिख रहा है! भैया इसका रेट बताइए तो?” -उसने दुकानदार से कहा। जैसे ही दुकानदार ने बताया कि इस वाले का एक पीस आठ हज़ार रुपये का पड़ेगा, तो संजय का माथा और गरम हो गया।

दो-तीन और मछलियों के दाम सुनकर आँखें चौड़ी करने के बाद उसने सोचा कि यहाँ रूकने से कोई फायदा नहीं है। उसने अपनी बाइक उठाई और सीधे रेस्टोरेंट पहुँच गया।उस समय उसके दिमाग में सिर्फ मछलियाँ ही घूम रही थीं। उसने मछलियों से दुश्मनी निकालने की ठान ली और वेटर को ‘मच्छी-चावल’ का आर्डर दे दिया।

इस तरह संजय उसी पैसे से पेट भर मच्छी-चावल खाकर लौटा जिस पैसे से वो Aquarium फिश खरीदने गया हुआ था। विशेषज्ञों ने संजय के इस व्यवहार को ‘एंगर-मैंनेजमेंट’ की संज्ञा दी है क्योंकि मच्छी-चावल खाने से संजय को विशेष ख़ुशी महसूस हुई होगी।

दरअसल, संजय को Aquarium का बहुत शौक है, उसके पास जो फिश-टैंक है, उसमे अभी गरीबी रेखा वाले सस्ते फिश मौजूद हैं। इस बार उसने सोचा कि क्यों ना अपना कलेक्शन बढ़ाया जाए और कुछ अच्छे फिश मार्केट से खरीदकर लाया जाए। बस, इसी सिलसिले में वो मछलियाँ खरीदने मार्केट गया हुआ था लेकिन रेट सुनकर उसका सारा प्लान चौपट हो गया।

बाद में संजय ने फेकिंग न्यूज़ को बताया कि “जो मुझे पसंद आता था उसका रेट पाँच हज़ार से ऊपर ही होता था, मेरा तो मूड ही खराब हो गया! सस्ते वाले सब सन्नी देओल की तरह दिखते थे इसलिए मैंने उसे खरीदा नहीं! पेट्रोल के बाद अगर कोई सबसे ज्यादा महँगी है तो वो है Aquarium फिश! खैर, कोई बात नहीं! लगता है अब मुझे एल्बिनो शार्क या कोहली से ही काम चलाना पड़ेगा!”



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